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माैसम केंद्र जयपुर ने बुधवार को भी 16 जिलों में तेज बरसात का अलर्ट दिया है। नागौर में आज सुबह बारिश के भरे पानी में करंट फैलने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।
वहीं, टोंक में मंगलवार देर रात बीसलपुर के बहाव में फंसी पिकअप को आज सुबह निकाला गया। इसमें बैठे 11 लोगों का रात को ही रेस्क्यू कर लिया गया था। अजमेर के केकड़ी में डाई नदी में पानी का बहाव बढ़ने से कई गांवों के रास्ते बंद हो गई।
इधर कोटा में भी तेज बरसात हुई। तेज बारिश में भी दुनिया का सबसे ऊंचा वाटरप्रूफ रावण (221 फीट) का पुतला खड़ा रहा। दावा है कि पुतले की ऊंचाई का यह रिकॉर्ड एशिया और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा।
बरसात के कारण इसी दशहरा मैदान में हो रही रामलीला में लंका दहन टल गया। मंगलवार को जयपुर सीकर, बीकानेर, अलवर में भी तेज बरसात हुई

जयपुर में तेज बारिश से जलजमाव और जाम
बीते कई दिनों से तेज गर्मी से जूझ रही राजधानी को बारिश से राहत मिली। मंगलवार दोपहर बाद शुरू हुआ तेज बारिश का दौर देर शाम तक जारी रहा। शहर के हालात जलजमाव से फिर बिगड़ गए।
मानसून की विदाई के बाद हुई पहली झमाझम बारिश से जयपुरवासियों को परेशान कर दिया। शहर के प्रमुख इलाकों जेएलएन मार्ग, मोती डूंगरी सहित कई एरिया में पानी जमा हो गया।
जयपुर में जेएलएन मार्ग पर एक घंटे में 71.5MM बरसात हुई है। मोतीडूंगरी रोड पर 4 फीट तक पानी भर गया।




4 अक्टूबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार बारिश का यह दौर 4 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। बीते 2 दिन में बीकानेर, जयपुर, भरतपुर समेत अलग-अलग जिलों में 4 इंच तक पानी बरसा है।
वहीं, दशहरा (2 अक्टूबर) पर भी तेज बरसात की आशंका है। मंगलवार को हुई बरसात के बाद रात के तापमान में दो-तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध से आज लगातार 70वें दिन भी पानी की निकासी जारी है।
बांध के भराव क्षेत्र में हुई तेज बारिश से पानी की निकासी बढ़ा दी गई है।
मंगलवार देर रात से बांध के एक गेट को 2 मीटर तक खोलकर पानी निकासी की जा रही है।
बीसलपुर बांध परियोजना के XEN मनीष जैन ने बताया कि मंगलवार शाम तक गेट नंबर 11 आधा मीटर खुला था।
पानी बढ़ने लगा तो इसे एक मीटर खोला, फिर पानी बढ़ा तो रात करीब 8 बजे डेढ़ मीटर खोला।
अक्टूबर में नदी उफनी, कई रास्ते बंद
अजमेर के केकड़ी में डाई नदी में पानी की आवक तेज हो गई है। यहां मंगलवार शाम को तेज बरसात हुई थी।
करीब आधा दर्जन गांवों के रास्तों पर बनी रपट पर पानी आ गया है।
जिससे मोतीपुरा-जावला, समेलिया-गोरधनपुरा, सियार-हिंगतड़ा और सापुंडा-हिंगोनिया मार्ग बंद हैं।
अक्टूबर माह में पहली बार डाई नदी में इतना पानी बह रहा है।






