शांति वार्ता विफलता के बाद अमेरिका ने रूस की तेल कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध: क्या इससे यूक्रेन युद्ध में बदलाव आएगा?


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अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार, ट्रंप ने रूस पर यूक्रेन युद्ध को लेकर प्रतिबंध लगाए: क्या रोसनेफ्ट और लुकोइल को निशाना बनाना पुतिन के गणित को बदल पाएगा?

ट्रंप पहले कह चुके हैं कि रूस और यूक्रेन दोनों को लड़ाई खत्म करने के लिए अपनी ज़मीन छोड़नी होगी। (फ़ाइल चित्र/रॉयटर्स)

महीनों की ठप कूटनीति, रद्द हुए ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन और नागरिकों पर बढ़ते रूसी हमलों के बीच, अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पहली बार यूक्रेन से जुड़े नए प्रतिबंध लगाए हैं।

इन प्रतिबंधों का लक्ष्य रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियां, रोसनेफ्ट और लुकोइल, हैं। अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, इसका मकसद क्रेमलिन की युद्ध मशीनरी के लिए जरूरी वित्तीय स्रोतों को काटना है। इसके तहत इन कंपनियों की अमेरिका में मौजूद संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं और अमेरिकी नागरिकों तथा व्यवसायों को इनके साथ किसी भी तरह का व्यापार करने से रोक दिया गया है। साथ ही, कई सहायक कंपनियां भी इस प्रतिबंध के अंतर्गत आ गई हैं।

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