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23 फरवरी 2026 को MCX पर सोना और चांदी के भाव में सुबह-सुबह तेजी देखने को मिली। सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 3,700 रुपये की बढ़त हुई, जबकि चांदी का भाव प्रति किलो 15,200 रुपये बढ़ गया। विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में उथल-पुथल, डॉलर की कीमत में बदलाव और निवेशकों की बढ़ती मांग मुख्य वजहें हैं। इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों और सोने-चांदी के व्यापारियों में हलचल मचा दी है।
23 फरवरी 2026 को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। MCX पर अप्रैल डिलीवरी सोना 10 ग्राम के लिए 1,60,600 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो शुक्रवार के बंद भाव से 3,700 रुपये या 2.4% अधिक था। इसी तरह, मार्च डिलीवरी चांदी 1 किलोग्राम के लिए 2,68,120 रुपये पर पहुंच गई, जिसमें 15,200 रुपये या 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी COMEX पर सोने की कीमत 5,189.60 डॉलर प्रति औंस और चांदी 87.505 डॉलर प्रति औंस पर थी, जिसमें क्रमशः 2% और 6% की तेजी देखी गई।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, जिसने वैश्विक शेयर बाजारों को अस्थिर कर दिया और निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर खींचा। बीते गुरुवार को इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा था, जब इंडेक्स में गिरावट आई थी। दूसरी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 15% वैश्विक टैरिफ (शुल्क) लगाने का ऐलान है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पहले ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था, लेकिन इसके बाद ट्रंप ने सभी देशों से होने वाले आयात पर 10% टैरिफ लगाने के आदेश दिए और इसे बढ़ाकर 15% कर दिया।
इसके अलावा अमेरिकी सैन्य गतिविधियों ने भी बाजार को प्रभावित किया। ट्रंप के आदेश पर USS गेराल्ड आर. फोर्ड विमानवाहक पोत भूमध्य सागर में दाखिल हुआ, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। इन घटनाओं ने निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ाई, जिससे सुरक्षित निवेश विकल्पों जैसे सोना और चांदी की मांग बढ़ गई।
फिर भी, मौजूदा कीमतें अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे हैं। सोना अपने पीक रेट 1,93,096 रुपये से 18% यानी लगभग 36,000 रुपये गिर चुका है, जबकि चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपये से लगभग 40% यानी 1.68 लाख रुपये नीचे आकर स्थिरता की स्थिति में है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ नीतियां और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोना और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इस तेजी ने निवेशकों, व्यापारियों और आम जनता के लिए बाजार में हलचल पैदा कर दी है, और आने वाले दिनों में सोना-चांदी के भाव पर वैश्विक घटनाओं और राजनीतिक निर्णयों का असर बन सकता है।






