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बिहार कैडर के 2005 बैच के IPS अधिकारी और वर्तमान फायर ब्रिगेड IG, एम. सुनील नायक की गिरफ्तारी के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस पटना पहुंची है। उन पर आंध्र प्रदेश के पूर्व सांसद रघुराम कृष्णा राजू के साथ हिरासत में मारपीट और हत्या के प्रयास (धारा 307) का गंभीर मामला दर्ज है। पुलिस ने कहा कि मामला गंभीर है और जांच के तहत अधिकारी को हिरासत में लेने की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने दोनों राज्यों में सुर्खियां बटोर ली हैं।

पटना में बिहार पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम IPS अधिकारी एम. सुनील नायक के शास्त्री नगर स्थित सरकारी आवास पर पहुंची। सुनील नायक वर्तमान में बिहार के फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) में IG के पद पर तैनात हैं। यह कार्रवाई साल 2021 से जुड़ी घटना के चलते की जा रही है, जब वे आंध्र प्रदेश में CID में प्रतिनियुक्ति पर थे।
सूत्रों के अनुसार, साल 2021 में नरसापुरम में तत्कालीन सांसद रघुराम कृष्णा राजू को उनके निर्देश पर गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए जाने के दौरान सांसद ने आरोप लगाया कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और जानलेवा मारपीट की गई। इसके बाद मामला कोर्ट तक गया और कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए IPC की धारा 307 (हत्या के प्रयास) समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
इस मामले में सुनील नायक को पहले कानूनी राहत मिली थी और जमानत के तहत उन्हें गिरफ्तारी से कुछ समय के लिए सुरक्षा मिली थी। लेकिन हाल ही में उनकी जमानत रद्द कर दी गई। जमानत रद्द होने के तुरंत बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना स्थित उनके सरकारी आवास पर दस्तावेजों की जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी। टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
पुलिस ने आवास के अंदर सघन जांच की, जिसमें मामले से जुड़े दस्तावेज, फाइलें और अन्य जरूरी कागजात जुटाए गए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुनील नायक को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उन्हें सड़क या हवाई मार्ग से आंध्र प्रदेश ले जाया जाएगा, जहां उनकी गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला बिहार और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में सुर्खियों में है। उच्च पदस्थ अधिकारी के खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने से प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मची हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच बेहद संवेदनशील है, क्योंकि इसमें एक वर्तमान में कार्यरत आईजी और पूर्व सांसद शामिल हैं।
वहीं, राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी मामला काफी अहम माना जा रहा है। आंध्र प्रदेश पुलिस की कार्रवाई यह दिखाती है कि लंबित कानूनी मामलों में किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सुनील नायक के खिलाफ दर्ज यह मामला उनके करियर और प्रतिष्ठा पर भी बड़ा असर डाल सकता है। इस कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया और आगामी कानूनी कदम दोनों राज्यों में लोगों की निगाहें बनी हुई हैं।






