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भारत विरोधी बांग्लादेशी नेता हसनत ने दावा किया है कि ढाका में मौजूद भारतीय उच्चायुक्त को देश से निष्कासित किया जाना चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। हसनत की बयानबाजी ने द्विपक्षीय रिश्तों में नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं और राजनीतिक तथा कूटनीतिक समुदाय में इसे गंभीर रूप से लिया जा रहा है।
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🚨 बांग्लादेशी नेता हसनत अब्दुल्ला ने भारत विरोधी बयानबाजी की | उच्चायुक्त को देश से निकालने की मांग
💥 सेवेन सिस्टर्स पर धमकी
⚠️ भारत-बांग्लादेश संबंध तनावपूर्ण
👮 पुलिस ने प्रदर्शन रोककर हिंसक स्थिति टाली
📝 घटना का पूरा विवरण
ढाका: बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्ला ने 17 दिसंबर को कुमिल्ला में रैली के दौरान विवादित बयान दिए। हसनत ने कहा कि ढाका में मौजूद भारतीय उच्चायुक्त को देश से निष्कासित किया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक तनाव चरम पर है।
हसनत ने पूर्वोत्तर भारत के ‘सेवेन सिस्टर्स’ राज्यों को अलग करने की धमकी भी दी। उनका कहना है कि यदि भारत बांग्लादेश को अस्थिर करता है और विरोधियों को शरण देता है, तो बांग्लादेश पूर्वोत्तर में अलगाववादियों को समर्थन देगा।
📰 भारत पर लगाए आरोप
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हसनत ने भारत पर बांग्लादेश को अस्थिर करने का आरोप लगाया।
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अगस्त 2024 में शेख हसीना को हटाए जाने के बाद द्विपक्षीय संबंध और खराब हुए।
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इस महीने बांग्लादेश में चुनावों की घोषणा के बाद भारत विरोधी बयानबाजी तेज हो गई।
👮 प्रदर्शन और सुरक्षा
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जुलाई एकता नामक संगठन ने ढाका में भारतीय दूतावास की ओर मार्च करने की कोशिश की।
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पुलिस ने मार्च रोककर संभावित हिंसक स्थिति को टाल दिया।
🌟 विशेष टिप्पणी
हसनत अब्दुल्ला की बयानबाजी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं। राजनीतिक और कूटनीतिक समुदाय इसे गंभीरता से देख रहा है।






