IndusInd Bank विवाद: SFIO जांच से खुलेंगे वित्तीय गड़बड़ियों के राज


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हिंदुजा ग्रुप के निवेश वाले प्राइवेट बैंक इंडसइंड बैंक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्र सरकार ने बैंक की वित्तीय अनियमितताओं की SFIO (Serious Fraud Investigation Office) द्वारा गहन जांच का आदेश दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मुंबई पुलिस इस मामले में अपनी जांच को बंद करने की योजना बना रही थी। अधिकारियों के अनुसार, SFIO की जांच बैंक की वित्तीय गतिविधियों, लेन-देन और संभावित अनियमितताओं की व्यापक समीक्षा करेगी।

🚨 इंडसइंड बैंक संकट: केंद्र ने SFIO को दी गहन जांच का आदेश

💰 ADT-4 फॉर्म में ₹1,959 करोड़ की विसंगतियां उजागर
⚠️ मुंबई पुलिस ने प्रारंभिक जांच बंद करने की तैयारी की थी
🔍 SFIO अब पूरे बैंक के खातों और फंड ट्रांजेक्शंस की जांच करेगी


नई दिल्ली: इंडसइंड बैंक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने बैंक की वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच के लिए SFIO को आदेश दिया है। यह कदम बैंक के वैधानिक ऑडिटर्स और फोरेंसिक रिपोर्ट्स में सामने आई गंभीर अकाउंटिंग विसंगतियों और आंतरिक नियंत्रण कमजोरियों के मद्देनजर उठाया गया है।

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने प्रारंभिक जांच में फंड हेराफेरी का कोई सबूत नहीं पाया, और मामला बंद करने की तैयारी कर रही थी। ऐसे में केंद्र ने जनहित और वित्तीय पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए SFIO जांच का निर्णय लिया।


🔎 जांच का फोकस

SFIO निम्नलिखित मुद्दों की जांच करेगी:

  • खातों में हेरफेर और फर्जी खाते

  • संपत्ति का गलत वर्गीकरण या रूपांतरण

  • संबंधित-पक्ष लेनदेन, ऋण, अग्रिम और निवेशों की बारीकी से समीक्षा

  • फंड के डायवर्जन या रूटिंग की पहचान और लाभार्थियों की जांच

  • ADT-4 फॉर्म्स, फोरेंसिक निगरानी रिपोर्ट और ऑडिट रिपोर्ट्स में दर्ज टिप्पणियों की समीक्षा


💰 पिछले वित्तीय खुलासे

  • मार्च 2025 में डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में ₹1,979 करोड़ की कमी का खुलासा

  • ₹674 करोड़ को माइक्रोफाइनेंस आय के रूप में गलत दिखाया गया

  • ₹595 करोड़ को अन्य संपत्तियों के तहत अप्रमाणित शेष दिखाया गया

  • ₹172.6 करोड़ को फीस आय के रूप में गलत वर्गीकृत किया गया

बैंक का कहना है कि इन विसंगतियों का दिसंबर 2024 तक शुद्ध संपत्ति पर 2.35% असर पड़ सकता है।


⚖️ मुंबई पुलिस और RBI की भूमिका

EOW ने प्रारंभिक जांच में कोई फंड हेराफेरी का सबूत नहीं पाया। RBI से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब SFIO पूरी जांच करेगी और बैंक के वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और ऋण प्रबंधन की गहन समीक्षा करेगी।


🌟 केंद्र का कदम: वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित

इस जांच से न केवल इंडसइंड बैंक की वित्तीय स्थिरता पर असर पड़ेगा, बल्कि प्रमोटर्स और अधिकारियों की जवाबदेही भी सामने आएगी।

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