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सर्दियों में करी पत्ता का पौधा अक्सर सूख जाता है, लेकिन समय पर सही देखभाल और पोषण देने से इसे बचाया जा सकता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट पूनम ने बताया कि सर्दी में पौधे को स्वस्थ और हरा-भरा रखने के लिए कौन-कौन से पाउडर डालने जरूरी हैं, ताकि ठंड का असर पौधे पर न पड़े।
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करी पत्ता का पौधा न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसकी खुशबू घर के वातावरण को भी ताजा करती है। कई लोग इसे बालकनी या छत पर उगाते हैं, लेकिन सर्दियों में पौधा अक्सर सूख जाता है या उसकी ग्रोथ रुक जाती है। यह पौधे के नेचर की वजह से होता है, लेकिन सही समय पर उचित खाद डालकर इसे सूखने से बचाया जा सकता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट पूनम ने आसान और असरदार तरीके बताए हैं, जिनसे करी पत्ता का पौधा सालभर, खासकर सर्दियों में भी, जंगल जैसा घना, हरा-भरा और स्वस्थ बना रह सकता है।
सर्दियों में देखभाल और मिट्टी की तैयारी
सर्दियों के मौसम में करी पत्ता का पौधा डॉर्मेंसी में चला जाता है। इसका मतलब है कि वह ग्रोथ करना बंद कर देता है, लेकिन मरता नहीं है। इस समय इसकी देखभाल का तरीका थोड़ा अलग होता है। सर्दी के मौसम में पौधे की कटाई-छंटाई या ऊपरी हिस्से को पिंचिंग बिल्कुल न करें। यह उसके लिए तनावपूर्ण हो सकता है। कटाई-छंटाई या पिंचिंग का काम बारिश के मौसम या फिर फरवरी-मार्च के दौरान कर सकते हैं।
जब पौधा बड़ा हो जाए, तो साल में एक बार थोड़ी सख्त कटाई भी इसी समय करें। पौधे के लिए हमेशा भुरभुरी मिट्टी का इस्तेमाल करें। यह सुनिश्चित करें कि मिट्टी का pH मान क्षारीय बना रहे, जो इसे बहुत पसंद है।
धूप और मिट्टी की गुड़ाई जरूरी
पौधे को हरा-भरा रखने के लिए दो सबसे जरूरी का है। पहला, गमले को ऐसी जगह पर रखें जहाँ उसे पर्याप्त मात्रा में सीधी धूप मिल सके। धूप इसकी ग्रोथ और हरेपन के लिए बहुत जरूरी है। समय-समय पर, खासकर खाद डालने से एक दिन पहले, मिट्टी की गुड़ाई जरूर करें। गुड़ाई करने से मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होता है और जड़ों को सांस लेने में आसानी होती है, जिससे पौधा स्वस्थ रहता है।
घरेलू चीजों से बनी असरदार खाद
करी पत्ता को हेल्दी रखने के लिए महीने में एक बार जैविक खाद का उपयोग कर सकते हैं। हर महीने गोबर की खाद डालें। यह सबसे बेहतरीन और सरल खाद है जो पौधे को घना और हरा-भरा रखती है। गोबर की खाद के अलावा आप कुछ अन्य घरेलू चीजों का भी उपयोग कर सकते हैं। जैसे कि इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को धोकर सुखा लें, उसके बाद डालें। नींबू के छिलके को पानी में भिगोकर उसका पानी डालें। चावल को धोने के बाद बचे हुए पानी को भी पौधे में डालना बहुत फायदेमंद होता है।
माली का बताया ‘3 पाउडर’
पौधे को जंगल जैसा घना बनाने का सबसे आसान और स्पेशल नुस्खा तीन चीजों में है। गार्डनिंग एक्सपर्ट ने लाल सरसों के दाने या राई का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। राई के दानों को पीसकर सीधा मिट्टी में मिला सकते हैं, या पीसने के बाद इसे पानी में मिलाकर 2 दिन के लिए छोड़ने के बाद भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
राई के साथ एक चम्मच हल्दी पाउडर भी जरूर मिलाएं। हल्दी एंटी-फंगल का काम करती है और पौधे को बीमारियों से बचाती है। उसके बाद इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को अच्छी तरह से धोकर और सूखाने के बाद इन दोनों मिश्रण के साथ डाल दें।
मिश्रण डालने का सही तरीका
तीनों पाउडर यानी कि पिसी हुई राई, हल्दी, और सूखी चायपत्ती को एक साथ मिट्टी में मिला दें। इस मिश्रण को डालने के बाद या तो मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर दें, या मिश्रण के ऊपर से थोड़ी सी ताजी मिट्टी डाल दें ताकि यह मिट्टी में अच्छी तरह से दब जाए।
यह मिश्रण पौधे को जरूरी पोषक तत्व देता है, जिससे सर्दियों की डॉर्मेंसी में भी हरा-भरा बना रहता है और सूखता नहीं है, बल्कि अगले ग्रोथ साइकल के लिए तैयार हो जाता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।






