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राजस्थान में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। नीमकाथाना में एक तेज रफ्तार i-20 कार अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे बने घर में जा घुसी। कार इतनी तेज थी कि उसने घर की दीवार तोड़ दी और अंदर मौजूद दो सगी बहनों को रौंद दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल बताए जा रहे हैं। इससे पहले जयपुर के हरमाड़ा में हुए डंपर हादसे की यादें अभी ताजा ही थीं कि इस नए हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। इलाके में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस ने कार चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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राजस्थान में रफ्तार का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और सड़कों पर हो रहे हादसे लोगों के लिए भय का कारण बनते जा रहे हैं। जयपुर के हरमाड़ा में हुए डंपर हादसे की पीड़ा अभी लोगों के ज़ेहन से निकली भी नहीं थी कि अब सीकर जिले के नीमकाथाना से एक और हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर नीमकाथाना सदर थाना क्षेत्र के महावा गांव में एक तेज रफ्तार i-20 कार अचानक अनियंत्रित होकर सीधा एक घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। उस समय घर के आंगन में दो नाबालिग बहनें खेल रही थीं, जिन्हें कार ने सीधे रौंद डाला।
हादसे के बाद पूरे घर में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने जब दौड़कर मौके पर पहुंचकर देखा तो दीवार टूटी हुई थी, आंगन खून से लथपथ था और परिवार के लोग बेसुध हालत में थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कार दीवार तोड़ते हुए घर के भीतर तक चली गई। स्थानीय लोग तुरंत घायल बच्चियों को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में 12 साल की शिल्पा ने दम तोड़ दिया, जबकि उसकी छोटी बहन अनु की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और वह जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
पुलिस के अनुसार, कार चलाने वाला युवक गांव का ही रहने वाला आदित्य सिंह है। हादसे के बाद वह कार सहित मौके से फरार हो गया। सदर थाने की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि हादसे के बाद आरोपी के घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह वहां से भी गायब मिला। पुलिस टीमें उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। जिस घर में कुछ समय पहले बच्चों की हंसी-खिलखिलाहट गूंज रही थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन हर किसी की आंखों में सिर्फ आंसू हैं।
इधर, प्रदेश के दूसरे हिस्से से भी एक और दुखद खबर सामने आई है। सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के ओलवाडा रपट के पास बनास नदी में तीन युवक तेज बहाव में बह गए। इनमें से एक युवक को किसी तरह बचा लिया गया, जबकि दो अब भी लापता हैं। बताया जा रहा है कि तीनों युवक उत्तर प्रदेश के मिजानपुर कटरा (जिला सजानपुर) के रहने वाले हैं और कुछ समय से सवाई माधोपुर में खेती-बाड़ी का काम कर रहे थे। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीम देर रात तक दोनों युवकों की तलाश में जुटी रही।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे हादसों ने न केवल लोगों की जान ली है, बल्कि समाज में असुरक्षा और भय का माहौल भी पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सड़कों पर रफ्तार पर लगाम लगाने की मांग कर रहे हैं।






