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तारापुर विधानसभा सीट पर पहले चरण का मतदान जोरों पर है। सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखा जा रहा है। इस सीट पर बीजेपी के सम्राट चौधरी और राजद के अरुण साह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन लगातार मतदान प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। इस पेज पर आपको तारापुर से जुड़ी हर ताज़ा अपडेट मिलती रहेगी।
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में मुंगेर जिले की ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तारापुर सीट पर मतदान जारी है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोगों में अपने प्रतिनिधि को चुनने का जोश साफ नजर आ रहा है। इस बार तारापुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठित बन गया है। यहां बीजेपी की ओर से बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मैदान में हैं, तो वहीं राजद ने अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखने के लिए अरुण साह पर भरोसा जताया है। इसके अलावा जन सुराज पार्टी ने इस बार मैदान में नया समीकरण बनाने की कोशिश करते हुए डॉ. संतोष सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
कुल 3,06,333 मतदाता तारापुर के नए विधायक का फैसला करेंगे। यह विधानसभा क्षेत्र न केवल मुंगेर जिले का बल्कि पूरे दक्षिण बिहार का एक अहम राजनीतिक केंद्र माना जाता है। इतिहास, संस्कृति और आस्था से जुड़ा यह इलाका जमुई लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। तारापुर विधानसभा में असरगंज, टेटिहा बम्बर, संग्रामपुर और खड़गपुर ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
तारापुर की राजनीति में ओबीसी समुदाय, खासकर कुशवाहा समाज की निर्णायक भूमिका रही है। यही वजह है कि अब तक यहां से चुने गए अधिकांश विधायक इसी समुदाय से रहे हैं, चाहे वे किसी भी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े हों। अब तक इस सीट पर 19 बार चुनाव हो चुके हैं, जिनमें दो उपचुनाव शामिल हैं। कांग्रेस ने पांच बार, जदयू (और पहले समता पार्टी) ने छह बार, राजद ने तीन बार और अन्य दलों जैसे संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, शोषित दल, जनता पार्टी, सीपीआई और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक बार जीत दर्ज की है।
2010 के बाद से यह सीट जदयू के कब्जे में रही है, लेकिन इस बार बीजेपी और जदयू के अलग-अलग चुनाव लड़ने से समीकरण काफी बदल गए हैं। राजद और जन सुराज की मौजूदगी से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। 2021 के उपचुनाव में भी यहां जदयू और राजद के बीच वोट प्रतिशत का अंतर मात्र 2 से 4 फीसदी तक ही रहा था, जिससे यह सीट हर बार बेहद कड़ी टक्कर वाली साबित होती है।
इस बार भी सुबह से मतदान में तेजी देखी जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मतदाता अपने-अपने बूथों पर पहुंच रहे हैं। महिलाएं और पहली बार वोट डालने वाले युवा भी लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। तारापुर सीट पर वोटिंग के हर पल के अपडेट इस पेज पर मिलते रहेंगे — इसलिए पेज को रीफ्रेश करते रहें और देखें, किस ओर झुक रहा है तारापुर का जनादेश।






