बिना वेरिफिकेशन 2023 में दिया टेंडर, पार्किंग तैयार, शिकायत के बाद डिबार


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बुडको ने फर्जीवाड़े में सिक्योरिटी मनी जब्त की, दिखावे के लिए काम से हटाया, कंपनी का स्टाफ कर रहा काम

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बुडको ने मौर्य लोक कॉम्प्लेक्स में मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाने के लिए वर्ष 2023 में जिस एजेंसी को टेंडर दिया उसके दस्तावेजों को वेरिफाई ही नहीं किया गया था। अब करीब दो साल बाद जब शिकायत मिली तो बुडको ने जांच शुरू की है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी एचपी राज्यगुरू ने टेंडर लेने के लिए तथ्य और सीबीआई के केस की जानकारी छिपाई। दिलचस्प यह है कि बुडको(बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड) ने शिकायत के आधार पर एजेंसी को डिबार किया है और सिक्यूरिटी मनी भी जब्त की है। डिबार किए जाने के बाद कंपनी काम कर रही है या नहीं?

भास्कर ने जब इसकी पड़ताल शुरू की तो पता चला कि एजेंसी के स्टाफ मल्टी लेवल कार पार्किंग में काम कर रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने मौके पर काम कर रहे कर्मियों से बात की तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे एजेंसी के स्टाफ हैं। दूसरी ओर बुडको की पीआरओ ने कहा कि शिकायत मिली थी तो एजेंसी को डिबार किया गया था। अब उसे क्लीन चिट दे दी गई है। 35 मिनट बाद ही दोबारा कॉल करने पर पीआरओ ने बयान बदल दिया। कहा-कंपनी का डिबार नहीं टूटा है। कंपनी ने जो स्पष्टीकरण दिया है, उसकी जांच चल रही है। कंपनी के काम पर रोक लगा दी गई है। बुडको के एमडी अनिमेष पाराशर से भास्कर ने उनके पत्र का हवाला देकर बात की।

एजेंसी पर फर्जी दस्तावेज देने के आरोप

टेंडर हासिल करने के लिए कंपनी ने अनुभव प्रमाण पत्र में अहमदाबाद सिटी में मैकेनेइज्ड मल्टीलेवल कार पार्किंग का दस्तावेज लगाया था। इंदौर में टेंडर के लिए भी इसी प्रोजेक्ट का जिक्र किया गया जिसमें अनुमानित लागत 8,4753,984 रुपए अंकित था। पटना का प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए भी इसी प्रोजेक्ट को दिखाया लेकिन अनुमानित लागत 9.4753984 रुपए अंकित थी। बुडको के एमडी ने कंपनी को लिखे पत्र में जिक्र किया है कि एचपी राज्यगुरू इंजीनियर्स एंड डेवलपर्स ने टेंडर की प्रक्रिया के क्रम में केस नंबर-RC2182023A0013 दिनांक-15.9.2023 का उल्लेख नहीं किया। अनुभव प्रमाण पत्र पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। वहीं, भास्कर की पड़ताल के दौरान अहमदाबाद सिटी के नगर आयुक्त कार्यालय ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ऐसी कोई मल्टीलेवल कार पार्किंग नहीं बनाई गई।

बुडको का जवाब- कभी हां, कभी ना

बुडको एमडी के पत्र पर एजेंसी ने क्या कहा?

– वह कांफिडेशियल है। उसे शेयर नहीं किया जा सकता।

एजेंसी को क्यों डिबार किया गया?

– शिकायत मिली थी तो डिबार किया गया। पर उसका जवाब संतोषजनक मिला तो उसे क्लीन चिट दे दी।

35 मिनट बाद पूछने पर पीआरओ ने कहा : इंजीनियर ने उन्हें गलत जानकारी दी थी। कंपनी का डिबार नहीं टूटा है। उसका जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया और जांच पूर्ण नहीं हुई है।

कंपनी के लोग पार्किंग में काम कर रहे हैं?

– नहीं, कंपनी के लोग पार्किंग में काम नहीं कर सकते। एचपी राज्यगुरू के लोग वहां नहीं है।

वीडियो देखने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करें।

डिबार एजेंसी के कर्मी पार्किंग में कर रहे काम।

क्या है मामला : स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मौर्य लोक काम्प्लेक्स में पार्किंग के लिए गुजरात की फर्म एचपी राज्यगुरू ने टेंडर डाला। कंपनी पर आरोप है कि करीब 28.86 करोड़ का टेंडर हासिल करने के लिए जो दस्तावेज दिए उसमे गड़बड़ी थी। ओडिशा में एकल्वय मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल का टेंडर लेने के लिए रिश्वत देने के आरोप में सीबीआई ने केस दर्ज किया था। बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पाराशर तक कंपनी पर सीबीआई केस और उसके अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत पहुंची तो जांच शुरू हुई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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