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एडमॉन्टन पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 33 वर्षीय आरवी सिंह सागू के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार पर पेशाब करने से रोकने पर कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सागू को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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कनाडा के सेंट्रल एडमॉन्टन से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 55 वर्षीय भारतीय मूल के व्यवसायी आरवी सिंह सागू पर एक मामूली विवाद के चलते जानलेवा हमला कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सागू ने एक अजनबी व्यक्ति को अपनी कार पर पेशाब करते देखा और उसे ऐसा करने से रोका। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और आरोपी ने उन पर बेरहमी से हमला कर दिया। एडमॉन्टन पुलिस सेवा ने बताया कि सागू को जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब वह बेहोश पड़े थे और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी हालत नाजुक बनी रही और इलाज के दौरान पांच दिन बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने इस मामले में 40 वर्षीय काइल पापिन को गिरफ्तार किया है, जिस पर सागू पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना 19 अक्टूबर को हुई थी और पीड़ित की मौत 24 अक्टूबर को अस्पताल में हुई। पुलिस के मुताबिक, यह हमला पूरी तरह “बिना उकसावे” का था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सागू और उनकी प्रेमिका अल्बर्टा विधानमंडल के पास एक रेस्टोरेंट से बाहर निकले थे, तभी उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति उनकी कार पर पेशाब कर रहा है। जब सागू ने उसे रोकने की कोशिश की, तो वह अचानक आक्रामक हो गया और उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद सागू जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। उनकी प्रेमिका ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।
पीड़ित के परिवार और दोस्तों ने इस घटना को लेकर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सागू एक शांत स्वभाव के, मददगार और परिवार से बेहद प्यार करने वाले व्यक्ति थे। उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था, और उन पर हुआ यह हमला पूरी तरह अनुचित और अमानवीय है। पुलिस ने मामले की जांच अपनी हत्या इकाई (Homicide Unit) को सौंप दी है और आरोपी फिलहाल कस्टडी में है। उसकी अगली पेशी 4 नवंबर को अदालत में होगी। परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है और कहा है कि वे चाहते हैं कि अपराधी को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।






