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अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा के लिए 20 सूत्री शांति योजना पेश की है, जिसमें फिलिस्तीनी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती एक महत्वपूर्ण बिंदु है। इसी पहल के तहत पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर सैनिकों को गाजा में भेजने की योजना बना रहे हैं। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका सहित कई देशों ने सकारात्मक नजरिए से देखा है और इसे शांति स्थापना के प्रयास के रूप में सराहा गया है। असीम मुनीर की यह पहल पाकिस्तान को गाजा में शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देती है।
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🌍 इंटरनेशनल पॉलिटिक्स | पाकिस्तान का गाजा में प्रस्तावित फोर्स पर रुख 🌍
अमेरिका ने पाकिस्तान की सराहना की, गाजा में अंतरराष्ट्रीय सैन्य बल पर अभी विचार जारी
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📍 वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 सूत्री गाजा शांति प्लान के तहत प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सैन्य बल (ISF) में पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिका ने तारीफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के आभारी हैं कि उन्होंने इस योजना का हिस्सा बनने या कम से कम विचार करने की बात कही है।
✈️ गाजा में प्रस्तावित फोर्स की रूपरेखा
इस शांति योजना के तहत युद्धग्रस्त फिलिस्तीनी इलाके में ट्रांजिशन कार्यकाल के दौरान मुस्लिम बहुसंख्यक देशों से सैनिक भेजने की बात कही गई है। पाकिस्तान ने अभी तक सैनिक भेजने का अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
🗣️ अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बातचीत
मार्को रुबियो ने शुक्रवार को बताया कि कई देश इस फोर्स का हिस्सा बनने के इच्छुक हैं, लेकिन पाकिस्तान और अन्य संभावित देशों के साथ बातचीत अभी शुरुआती दौर में है। रुबियो ने कहा कि कई ऑपरेशनल डिटेल्स अभी तय नहीं हुई हैं, जैसे कि फोर्स का मैंडेट, फंडिंग का तरीका और अन्य प्रशासनिक पहलू।
रुबीयो ने कहा,
“यदि पाकिस्तान सहमत होता है, तो यह अहम है, लेकिन इसके लिए हमें उन्हें पहले कुछ और जवाब देने होंगे।”
🏛️ पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि ISF में पाकिस्तान की भागीदारी पर निर्णय अभी लंबित है। प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि हमने अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और स्थिति पर आगे विचार जारी है।
🤝 मुनीर और ट्रंप की संभावित मुलाकात पर अटकलें
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तान के CDF और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर वॉशिंगटन जाकर राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं, जिसमें गाजा स्टेबिलाइजेशन फोर्स प्रमुख मुद्दा होगा।
हालांकि, अंद्राबी ने इस रिपोर्ट का खंडन किया और कहा कि पाकिस्तान सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जाएगा। वहीं, व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया कि इस समय मुनीर और ट्रंप के बीच कोई बैठक राष्ट्रपति के कैलेंडर में नहीं है।
✨ निष्कर्ष और आगे की तैयारी
गाजा में अंतरराष्ट्रीय फोर्स के प्रस्ताव पर पाकिस्तान की भूमिका अभी विचाराधीन है। अमेरिका ने पाकिस्तान की पहल की सराहना की है, लेकिन अंतिम निर्णय और संचालन के लिए कई तकनीकी और राजनीतिक पहलुओं पर चर्चा जारी है। इस मामले की रिपोर्ट और निर्णय अंतरराष्ट्रीय राजनीति और क्षेत्रीय शांति प्रयासों के लिए अहम संकेतक साबित होंगे।






