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जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में आग से मरीजों की मौत के बाद जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच की गई। मौके पर मॉक ड्रिल भी की गई। इस दौरान अस्पताल में एक काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इसमें मरीज और स्टाफ को आग के समय सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया की गई।
मथुरादास माथुर अस्पताल के अधीक्षक डॉ विकास राजपुरोहित ने बताया- उच्च स्तर से निर्देश मिले थे। इसकी पालना में आज हॉस्पिटल में फायर फाइटिंग सिस्टम को लेकर मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं, आर्टिफिशियल फायर क्रिएट की गई। आग से निकले धुएं को अस्पताल में लगे सेंसर ने पहचाना और अलार्म बजने लगा। इसके बाद हॉस्पिटल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।

मरीजों को बचाव के तरीके बताए गए
वहीं अस्पताल में एडमिट मरीजों और यहां आने वाले मरीजों को बताया गया कि यदि इस तरह की घटना हो जाती है तो हॉस्पिटल में किस प्रकार से बचाव करें। इस अवसर अस्पताल के वर्कशॉप चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंकित सोनी, डॉक्टर सुभाष बलारा, वर्कशॉप प्रभारी विपिन पुरोहित, गोपाल व्यास सहित वर्कशॉप टीम मौजूद रही।






