![]()

हिमाचल के कुल्लू में पहाड़ी से लैंडस्लाइड हो गया। बड़े-बड़े पत्थर पिकअप पर आकर गिरे। इसमें 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को रामपुर के खनेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की पहचान विक्रांत और राजेश के रूप में हुई है। लैंडस्लाइड की वजह से नित्थर के पास सैंज-लुहरी नेशनल हाईवे-305 10 घंटे बंद रहा।
बारिश की वजह से आज मंडी के करसोग और सुंदरनगर में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। वहीं चंडीगढ़-मनाली फोरलेन दूसरे दिन भी बंद है। मंडी के दवाड़ा के पास सोमवार को पहाड़ी से लैंडस्लाइड के बाद हाईवे बंद हो गया था। चंडीगढ़ से मनाली जाने वाले छोटे वाहनों को वाया कमांद-कटोला भेजा जा रहे है, जबकि बड़े वाहन सड़क खुलने के इंतजार में हैं।

उधर, नदी और नालों में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए शिमला के झाखड़ी और बिलासपुर के कोलडैम से पानी छोड़ा गया है। पहाड़ों पर बारिश के बाद पंजाब में भी पंडोह डैम के 5 गेट खोले गए। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने डैम से 42 हजार क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा गया। ब्यास नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल पंजाब में लोगों को नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

पंजाब में रोपड़-हरिके-पतन से होते हुए बहती है सतलुज शिमला के रामपुर-झाखड़ी स्थित डेम से भी सिल्ट की मात्रा अधिक होने से 8 बजकर 30 मिनट पर पानी छोड़ा गया। इसके बाद रामपुर से आगे सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ा है। कोलडैम से सुबह 7.15 बजे बांध से पानी छोड़ दिया गया। हिमाचल और पंजाब में सतलुज किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। सतलुज का पानी हिमाचल के बिलासपुर के बाद सीधे पंजाब के रोपड़ (रूपनगर) में प्रवेश करता है।
रोपड़ से आगे, सतलुज नदी पंजाब में पश्चिम दिशा की ओर बहती हुई, लुधियाना जिले से होकर गुजरती है। इसके बाद, यह हरिके-पत्तन के पास ब्यास नदी से मिलती है और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़कर भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ बहती है। अंत में, यह नदी पाकिस्तान में प्रवेश करती है और बहावलपुर के पास चिनाब नदी में मिल जाती।

कांगड़ा और चंबा में ऑरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चंबा और कांगड़ा जिले में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव, लैंडस्लाइड और बाढ़ की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। इसे देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है। ऊना, मंडी और सिरमौर जिला में यलो अलर्ट है।
3 NH समेत 398 सड़कें, 682 बिजली के ट्रांसफॉर्मर बंद पिछले 24 घंटों के दौरान मंडी, चंबा, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश हुई। प्रदेशभर में इससे 3 नेशनल हाईवे समेत 398 सड़कें, 682 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 151 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हैं। चंबा में नवविवाहित दंपती और मंडी में 1 युवक की खड्ड में बहने से मौत हुई है।

मानसून सीजन की बात करें तो 1246 करोड़ रुपए की निजी व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। इससे 393 घर पूरी तरह जमींदोज हुए हैं, जबकि 700 से ज्यादा घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। अभी तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है।






