![]()

मध्यप्रदेश में आज गुरुवार को हैवी रेन का अलर्ट है। बालाघाट-आलीराजपुर में 24 घंटे में 8 इंच तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कुल 15 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इससे पहले बुधवार को प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।


भोपाल में पुरानी बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से एक युवक की मौत हो गई। सतना जिले के अहरी टोला में आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत हो गई। 4 लोगों को झुलसने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, कलेक्ट्रेट रोड स्थित शासकीय स्कूल क्रमांक एक के सामने पेड़ पर गाज गिर गई। पास ही खड़े युवक ने इसका वीडियो अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया।
उधर, आकाशीय बिजली से टीकमगढ़ में 16 बकरियों की जान चली गई। सीहोर में इतनी बारिश हुई कि सड़कों पर खड़ी गाड़ियां आधी डूब गईं।
गुरुवार को जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें नीमच, मंदसौर, झाबुआ, धार, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सतना, मैहर, पन्ना, सिवनी और मंडला शामिल हैं। बालाघाट-आलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है

सतना में पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने का वीडियो मोबाइल में कैद हुआ है।

सतना में ढाई इंच बारिश, 30 से ज्यादा जिलों में पानी गिरा मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 30 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सतना में सबसे ज्यादा ढाई इंच पानी गिर गया। वहीं, छतरपुर के खजुराहो में 1.8 इंच, खरगोन में 1.8 इंच, भोपाल में 1.4 इंच, रीवा में 1.2 इंच, उज्जैन में 1.1 इंच, धार में 1 इंच बारिश दर्ज की गई।
सिवनी, छिंदवाड़ा, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, बालाघाट, मंडला, शिवपुरी, नरसिंहपुर, उमरिया, जबलपुर, शाजापुर, बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, आगर-मालवा समेत कई जिलों में भी पानी गिरा।
बुधवार को प्रदेश में हुई बारिश की तस्वीरें…

भोपाल में जर्जर मकान का एक हिस्सा गिरने से युवक की मौत हो गई। सीहोर के आष्टा में कई जगह जलभराव हो गया।

सीहोर में सड़कों पर पानी भर गया। इस वजह से मोटरसाइकिलें आधी डूब गईं।

टीकमगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से 16 बकरियों की मौत हो गई।

कटनी में तेज बारिश की वजह से पुलिया पर पानी आ गया।

श्योपुर समेत 26 से अधिक जिलों में बुधवार को बारिश का दौर जारी रहा।
प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही ट्रफ मौसम विभाग के अनुसार, एक ट्रफ प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही है। वहीं, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।




मानसून एक्टिव होने के बाद तेज बारिश बता दें कि इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 15 दिन तक मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा और एमपी में 1 दिन लेट हो गया।
हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने प्रदेश के 53 जिलों को कवर कर लिया। एक दिन के ठहराव के बाद बाकी बचे 2 जिले- भिंड और मऊगंज में भी मानसून एंटर हो गया। इस तरह 5 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया।
एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून के एक्टिव होने के बाद से ही पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा मानसून पार कर लेगा।






