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मनीष कुमार सिंह,
सहरसा/ जिले में विद्यालय की व्यवस्था और गुणवत्ता को चुस्त -दुरुस्त करने छात्रों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी श्री दीपेश कुमार (भा.प्र.से.) ने दो सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श) विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। इस क्रम में हाई स्कूल (सिमरी बख्तियारपुर) एवं उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय (उत्तेशरा, सलखुआ) की आधारभूत संरचना, पठन-पाठन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
जिलाधिकारी ने कक्षाओं, स्मार्ट क्लास, ICT लैब और प्रयोगशालाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके विषयगत ज्ञान को परखा। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना नहीं है, बल्कि तार्किक सोच, आत्मविश्वास और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करना है। उन्होंने छात्रों को निरंतर परिश्रम और उच्च लक्ष्य निर्धारण के लिए प्रेरित किया।
विद्यालयों में सहभागिता और शिक्षण मानक बढ़ाने के लिए प्रशासन द्वारा निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए हैं:
उपस्थिति एवं समन्वय: विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के अभिभावकों से प्रशासन और शिक्षक तत्काल संपर्क स्थापित करें।
PTM का आयोजन: अभिभावकों और शिक्षकों के मध्य बेहतर संवाद स्थापित करने हेतु नियमित रूप से Parent-Teacher Meeting (PTM) आयोजित की जाए।
NCERT आधारित शिक्षण: कक्षा 9वीं और उससे उच्च कक्षाओं में NCERT की पुस्तकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
संवादात्मक कक्षाएं: शिक्षण को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित और इंटरैक्टिव बनाया जाए, साथ ही उपलब्ध स्मार्ट क्लास एवं ICT संसाधनों का नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो।
खेलकूद गतिविधियां: शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन अंतिम घंटी के बाद खेलकूद की गतिविधियां अनिवार्य रूप से संचालित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था में पाई गई कमियों पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए हाई स्कूल, सिमरी बख्तियारपुर के अंग्रेजी शिक्षक श्री सरोज कुमार एवं उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, उत्तेशरा के अंग्रेजी शिक्षक श्री राहुल कुमार दुलारे के कार्यकलापों पर असंतोष व्यक्त करते हुए उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई।
साथ ही वरीय पदाधिकारियों के आदेशों के अनुपालन में शिथिलता बरतने एवं अपेक्षित कार्रवाई न करने के आरोप में दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
हाई स्कूल, सिमरी बख्तियारपुर में भवन की रंगाई-पुताई की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर, जिलाधिकारी ने BSE-IDC के कार्यपालक अभियंता को भवन की पुनः रंगाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त, प्रयोगशाला में अपर्याप्त रोशनी को तत्काल दुरुस्त करने और परिसर की साफ-सफाई को अगले 24 घंटे के भीतर पूर्ण करने का कड़ा निर्देश प्रधानाचार्य को दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन, संसाधनों का बेहतर रखरखाव और विद्यालयी अनुशासन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय केवल शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं, अतः शिक्षकों एवं प्रबंधन को अपने दायित्वों का पूरी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करना होगा।
इस निरीक्षण के दौरान में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सहरसा ;अनुमंडल पदाधिकारी सिमरी बख़्तियारपुर,जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा , प्रखंड विकास पदाधिकारी,सिमरी बख्तियारपुर एवं अन्य उपस्थित रहे।






