⚡🚗GST कटौती के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट, दोपहिया और पैसेंजर सेगमेंट प्रभावित


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पिछले साल त्योहारी सीजन में सरकार ने इलेक्ट्रिक और पारंपरिक वाहनों पर GST में कटौती की थी। इसका उद्देश्य ईवी (Electric Vehicle) और पेट्रोल-डीजल वाहनों के बीच कीमत का अंतर कम करना था। हालांकि, इसके बावजूद दो- और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। खासकर दोपहिया और यात्री वाहन सेगमेंट इस बदलाव से सबसे अधिक प्रभावित हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमत में कटौती के बावजूद उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएं और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी बिक्री को प्रभावित कर रही है।

⚡🔋 GST कटौती का असर: इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में मिला मिश्रित परिणाम


नई दिल्ली: साल 2025 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बिक्री में मिश्रित रुझान देखा गया। खासकर दोपहिया और पैसेंजर वाहन सेगमेंट पर GST कटौती का असर पड़ा। अक्टूबर 2025 से पेट्रोल और डीजल वाहनों पर GST दरों में कमी की गई, जिससे इन वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच कीमत का अंतर घट गया। इसका सीधा असर दिसंबर तिमाही की बिक्री पर पड़ा, जिससे दोपहिया और पैसेंजर ईवी की हिस्सेदारी में गिरावट देखी गई।


🛵📉 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट


दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2024 में 6% थी, जो जनवरी-सितंबर 2025 में बढ़कर 8.1% तक पहुंच गई थी। लेकिन GST कटौती के बाद दिसंबर 2025 तिमाही में बिक्री कम हो गई। इसके कारण पूरे साल 2025 में दोपहिया ईवी की कुल हिस्सेदारी घटकर 6.3% रह गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहिया ईवी की बिक्री पर असर इस बात से भी पड़ा कि उपभोक्ताओं ने पेट्रोल और डीजल वाहनों की कीमतों में कमी को प्राथमिकता दी।


🚗💨 पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रदर्शन


इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहन (PV) सेगमेंट में भी थोड़ा दबाव देखा गया। 2024 में इसकी हिस्सेदारी 2.5% थी, जो 2025 में बढ़कर लगभग 4% हुई। हालांकि तिमाही स्तर पर GST कटौती के बाद बिक्री में गिरावट आई, लेकिन पूरे साल की बिक्री में ठोस वृद्धि दर्ज की गई।

विशेषकर नई कंपनियों का बाजार में प्रवेश और मौजूदा कंपनियों का विस्तार पैसेंजर ईवी की बिक्री को बढ़ावा देने में मददगार साबित हुआ। 🚘⚡


🛺📈 तीन-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों में शानदार उछाल


इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन (ई-रिक्शा को छोड़कर) ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इनकी हिस्सेदारी 2024 में 12% थी, जो 2025 में बढ़कर 18% हो गई। ई-रिक्शा ने कुल तीन-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगभग 70% हिस्सा बनाए रखा।

तीन-पहिया ईवी की मजबूत वृद्धि इस बात का संकेत है कि छोटे और शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ तेजी से बढ़ रही है। 🚕🔋


🌟📊 कुल बिक्री में बढ़ोतरी


भले ही दोपहिया और पैसेंजर ईवी पर दबाव पड़ा हो, लेकिन कुल इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

  • 2025 में सभी बैटरी-संचालित ईवी (दोपहिया, तीन-पहिया, कार और SUV) की कुल बिक्री 16% बढ़कर 22.7 लाख यूनिट हुई, जबकि 2024 में यह 19.5 लाख यूनिट थी।

  • दोपहिया ईवी की बिक्री 11% बढ़कर 12.8 लाख यूनिट हुई (2024 में 11.5 लाख यूनिट)।

  • पैसेंजर ईवी सेगमेंट की बिक्री 77% बढ़कर 1.8 लाख यूनिट हुई (2024 में 99,500 यूनिट)।

  • तीन-पहिया ईवी की बिक्री में भी 15% की वृद्धि हुई और यह 8 लाख यूनिट तक पहुंच गई (2024 में 6.9 लाख यूनिट)।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है, खासकर तीन-पहिया और पैसेंजर सेगमेंट में।


🔋🚀 भविष्य की राह


विशेषज्ञों का मानना है कि GST में कटौती के बावजूद, इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का लंबी अवधि का ट्रेंड सकारात्मक है। दोपहिया और पैसेंजर सेगमेंट में इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी टेक्नोलॉजी और नई कंपनियों के विस्तार से बिक्री में फिर उछाल आने की संभावना है।

ईवी उद्योग की यह वृद्धि पर्यावरण के प्रति जागरूकता, शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरत और सरकार की सबसिडी और नीतियों से भी जुड़ी है।

कुल मिलाकर, 2025 का साल इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण तो था, लेकिन बाजार की वृद्धि और तीन-पहिया वाहनों की मजबूत पैठ ने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की भविष्य की संभावनाओं को उज्जवल बनाया। 🌱⚡

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