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जयपुर में खुदरा सब्जियों की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे किचन बजट पर राहत मिली है। ताजी सब्जियों की बंपर सप्लाई के चलते टमाटर के दाम 50-60 रुपये प्रति किलो और फूलगोभी के दाम 30-40 रुपये प्रति किलो तक गिर गए हैं। मुहाना मंडी के व्यापारियों ने फसल की अच्छी स्थिति को इस गिरावट का मुख्य कारण बताया है। वहीं, डीलर्स का अनुमान है कि दिसंबर के मध्य तक सब्जियों की कीमतों में और कमी आने की संभावना है।
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जयपुर में नवंबर की तुलना में सब्जियों की खुदरा कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं और किचन बजट पर राहत मिली है। यह मुख्य रूप से बगरू, बस्सी, तुंगा और चोमू जैसे स्थानीय खेती वाले क्षेत्रों से सर्दियों की ताजी सब्जियों की बड़ी मात्रा में आवक बढ़ने के कारण हुआ है।
जयपुर की सबसे बड़ी मुहाना थोक मंडी में सप्लाई बढ़ने से कीमतों को स्थिर करने में मदद मिली। व्यापारियों ने इसे बेहतर मौसमी सप्लाई और फसल के अच्छे हालात से जोड़ा है। आलू आढ़तिया संघ के प्रेसिडेंट शिव शंकर शर्मा ने बताया कि आस-पास के खेती वाले इलाकों से बड़ी मात्रा में ताजी सब्जियां आने लगी हैं, जिससे टमाटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों के दामों में भारी गिरावट आई है। हालांकि, आलू की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई।
मुहाना मंडी के थोक व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में उपभोक्ताओं को और अधिक राहत मिलने की संभावना है। थोक व्यापारी अब्दुल सगीर ने कहा कि दिसंबर के मध्य तक सब्जियों की कीमतों में एक और कमी देखने को मिल सकती है। नवंबर में टमाटर की कमी के कारण इसकी कीमतें 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं, लेकिन अब हाइब्रिड और देसी दोनों तरह के टमाटर की आवक बढ़ने से आम लोगों के लिए खरीदारी आसान हो गई है।






