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ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सफर करना भारतीय यात्रियों के लिए भले ही रोजमर्रा की बात हो, लेकिन पहली बार ऐसे माहौल का अनुभव करने वाले विदेशी यात्रियों के लिए यह अक्सर चुनौतीपूर्ण साबित होता है। हाल ही में एक विदेशी यात्री ने भारतीय रेलवे के जनरल कोच में यात्रा के दौरान हुई अपनी परेशानियों का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। यह वीडियो वायरल होते ही ‘सिविक सेंस’ और सार्वजनिक जगहों पर लोगों के व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई है।
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मेरी सीट पर पैर रखा…
जनरल कोच में सफर के दौरान, विदेशी व्लॉगर बताता है कि मेरे सामने बैठा बंदा, मेरी सीट पर पैर रख रहा है। मैंने इससे बहुत बार शांति से ऐसा न करने को कहा, तो वह मुस्कुराने लगा। लेकिन 2 मिनट बाद वह दोबारा ऐसा करता है। विदेशी आगे कहते है कि अगले कुछ घंटों तक अब उसका पांव मेरी सीट पर ही रहने वाला है।
इस दौरान सो रहे लोगों को कैमरे में रिकॉर्ड करते हुए विदेशी जब कैमरा अपनी ओर घुमाता है। तब एक खीरे वाला आया होता है और इस दौरान वह अपना हाथ देखकर कहता है कि ‘यार, किसी ने मेरे हाथ पर थूका है। वह खीरा चबाते हुए मेरे पास से गुजरा और मेरी ओर देखकर उसने कुछ बोला। इस दौरान उसके मुंह से जो निकला वो मेरे हाथ पर गिर गया।’
रेल अनुभव (Foreigner Train Experience)
@backpacker.ben नाम के यूजर ने Instagram पर यह Reel पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा- भारत में बुरा रेल अनुभव। अब तक इस वीडियो को 46 लाख के ऊपर व्यूज और 90 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। जबकि पोस्ट पर 5 हजार के पार लाइक्स मिल चुके हैं।
1AC और 2AC…
यूजर्स जनरल कोच में हुई इस घटना पर कमेंट सेक्शन में जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। एक विदेशी यूजर ने लिखा- भाई, अगर आप 2AC या 1AC श्रेणी में अपग्रेड करते हैं तो आपको 5$ अधिक खर्च करना पड़ेगा। दूसरे यूजर ने कहा कि यह अजीब है कि लोग समस्या को ठीक करने के बजाय, बनाने वाले को ही दोष देते हैं, यह सस्ते या महंगे की बात नहीं है।
मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, जापान की ‘सबसे सस्ती’ ट्रेन ऐसी नहीं होती। तीसरे यूजर ने लिखा कि मेरे लिए तो ये एक पारंपरिक खाली घूरना है। कुछ इंडिंयस हमेशा ऐसे ही क्यों घूरते रहते हैं? चौथे यूजर ने सुझाव देते हुए कहा कि यह मानना छोड़ दें कि भारतीय रेल में अच्छा अनुभव जैसी कोई चीज होती है।






