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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान कप्तान शुभमन गिल दूसरे दिन चोटिल हो गए। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें तुरंत मैदान से बाहर जाना पड़ा और अंततः पूरे टेस्ट मैच से बाहर होना पड़ा। उनकी अनुपस्थिति ने टीम इंडिया की रणनीति और नेतृत्व दोनों पर असर डाला।
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भारतीय कप्तान शुभमन गिल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान गर्दन में चोट लगने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को उन्हें वुडलैंड्स मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जहां बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी उनसे मिलने पहुंचे। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मैच में भारत को 30 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिससे दो मैचों की सीरीज में दक्षिण अफ्रीका ने 1-0 की बढ़त बना ली।
गिल खेल के दूसरे दिन बल्लेबाजी करते समय चोटिल हो गए थे और तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले ही पूरे टेस्ट मैच से बाहर हो गए। उनकी अनुपस्थिति में भारतीय टीम केवल 93 रन पर सिमट गई और दूसरी पारी में भी वह बल्लेबाजी करने नहीं उतरे। गुवाहाटी में 22 नवंबर से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में उनके खेलने को लेकर टीम प्रबंधन ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। टीम मंगलवार को गुवाहाटी रवाना होगी।
यदि गिल गुवाहाटी टेस्ट में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो उपकप्तान ऋषभ पंत टीम की कमान संभालेंगे। कोलकाता टेस्ट में भी गिल के बाहर होने के बाद पंत ने ही कप्तानी की थी, और कप्तान की अनुपस्थिति में वही स्वाभाविक विकल्प बने हुए हैं।
इस बीच सौरव गांगुली ने ईडन गार्डन्स की पिच पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह ‘सर्वश्रेष्ठ टेस्ट विकेट’ नहीं थी, हालांकि भारत को 124 रन के लक्ष्य का पीछा आसानी से कर लेना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिच से जुड़ी निर्देश टीम प्रबंधन की ओर से आए थे और उनका उद्देश्य चुनौतीपूर्ण सतह तैयार करना था। गांगुली ने कहा कि भविष्य में बेहतर पिचों पर खेलना ही टीम के लिए लाभदायक होगा।






