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जयपुर के ईएसआईसी हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। हॉस्पिटल को अजमल कसाब के नाम से मेल आया है। मेल मिलते ही अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम स्क्वॉड, सिविल डिफेंस और अन्य टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। अस्पताल को खाली कराया गया। पूरे अस्पताल परिसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, हालांकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। प्रारंभिक जांच में यह किसी शरारती तत्व की हरकत मानी जा रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। मेल की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षा कारणों से अस्पताल में आवाजाही पर नियंत्रण रखा गया है।


मेल में लिखा- तमिलनाडु के आईपीएस ने पूर्व LTTE सदस्यों को फर्जी पासपोर्ट जारी किए
मेल में लिखा- तमिलनाडु के आईपीएस डेविडसन देवश्री बाथम ने अपनी पत्नी की ट्रैवल एजेंसी के जरिए पूर्व LTTE सदस्यों को फर्जी पासपोर्ट जारी किए हैं। उन्हें पाकिस्तान द्वारा भर्ती किया गया था। उनके पास मोबाइल फोन, रासायनिक खतरे को ट्रिगर करने वाले फ्यूज हैं। फिलहाल, जिस कार में वे यात्रा कर रहे हैं, वह एक ‘बायो बबल’ है। वे चाहते हैं कि अस्पताल में अधिकतम लोगों पर इसका प्रभाव पड़े। अगर उन्हें संदेह हुआ कि योजना काम नहीं करेगी तो वे फ्यूज से विस्फोट कर देंगे। अस्पताल में सीधे नर्व गैस आईईडी को छोड़ देंगे। कृपया एटीएस को सूचित करें। क्योंकि मैं साजिश शामिल था। डेविडसन देवश्री बाथम आईपीएस को फोन करें, उन्हें पता है कि नकली पासपोर्ट किसने जारी किए थे।
कृपया इसे पिछली धोखाधड़ी न समझें। मदुरै के असिस्टेंट कमिश्नर इंटेलिजेंस के ठिकानों से फर्जी पासपोर्ट का पता आसानी से लगाया जा सकता है। कुछ ही मिनटों में इसकी पुष्टि की जा सकती है। फिर, जब आप नाम देखें, तो कृपया जल्दी से लेकिन सावधानी से काम करें।
जयपुर में बम ब्लास्ट की धमकी का लंबा सिलसिला, अहमदाबाद से महिला हो चुकी गिरफ्तार
8, 12 और 13 मई को सवाई मानसिंह स्टेडियम को उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसमें 13 मई को मिले मेल में बम से उड़ाने की धमकी के साथ ही रेप पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की गई थी। इन मामलों में कुछ दिन पहले अहमदाबाद से एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया था। शातिर महिला जयपुर में चार-पांच बार धमकी भरे ई-मेल भेज चुकी थी।
9 मई को जयपुर मेट्रो को बम से उड़ने की धमकी मिली थी। जयपुर मेट्रो की मेल आईडी पर ईमेल मिला था। इसमें ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद जयपुर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन दोनों को उड़ाने की धमकी दी गई थी, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिला था।







