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आज का पंचांग, 26 अक्टूबर 2025: आज छठ महापर्व का अंतिम दिन है, जिसे कार्तिक शुक्ल षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु सुबह के समय उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर छठी मइया से परिवार की सुख-समृद्धि और संतानों के दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। आज षष्ठी तिथि प्रातः 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व अत्यधिक माना गया है।
आज के दिन सूर्योदय का समय, शुभ मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल जैसे समयों की जानकारी जानना अत्यंत आवश्यक है, ताकि पूजन और अर्घ्य का संकल्प सही समय पर पूरा किया जा सके। छठ पूजा के इस पावन अवसर पर पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।
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आज की राष्ट्रीय मिति कार्तिक शुक्ल सप्तमी, विक्रम संवत् 2082 तथा शक संवत् 1947 है। साथ ही सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 11 और जमादि उल्लावल 05, हिजरी 1447 (इस्लामी कैलेंडर) के अनुसार यह दिन मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 ईस्वी को पड़ रहा है। सूर्य दक्षिणायन में और दक्षिण गोलार्ध में स्थित हैं, जबकि ऋतु परिवर्तन के साथ अब हेमंत ऋतु का आगमन हो चुका है।
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि यह छठ महापर्व का समापन दिवस भी है। इस दिन श्रद्धालु प्रातः कालीन सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारायण करते हैं। पंचांग के अनुसार आज राहूकाल अपराह्न 3:00 बजे से 4:30 बजे तक रहेगा, इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, आज के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, दिशा शूल और अभिजीत मुहूर्त जैसे समय भी विशेष महत्व रखते हैं। सूर्य दक्षिण गोल में प्रवेश के कारण अब दिन छोटे और रातें लंबी होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो हेमंत ऋतु की पहचान है।
आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष है। षष्ठी तिथि प्रातः 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। आज का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र अपराह्न 3 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। साथ ही, सुकर्मा योग सुबह 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा, उसके बाद धृतिमान योग का आरंभ होगा। करणों में आज तैतिल करण प्रातः 8 बजकर 10 मिनट तक, तत्पश्चात वणिज करण प्रभावी रहेगा।
चंद्रमा आज दिन-रात धनु राशि में गोचर करेगा, जिससे धार्मिक कार्यों में आस्था और ऊर्जा दोनों बढ़ेंगी। शुक्र आज उच्चचित्रा नक्षत्र में स्थित हैं, जो सौंदर्य, प्रेम और सृजनात्मकता को बढ़ाने वाला संयोग माना जाता है।
सूर्योदय का समय प्रातः 6 बजकर 30 मिनट और सूर्यास्त का समय सायं 5 बजकर 39 मिनट रहेगा। इस प्रकार दिन का प्रभावी काल लगभग 11 घंटे 9 मिनट का होगा।
आज के शुभ मुहूर्तों में —
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ब्रह्म मुहूर्त: 4:48 से 5:39 तक
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विजय मुहूर्त: 1:56 से 2:41 तक
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निशीथ काल: 11:39 से 12:31 तक
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गोधूलि बेला: 5:39 से 6:05 तक
इन समयों में पूजन, व्रत-विधि, अर्घ्य अर्पण और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
वहीं अशुभ काल में —
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राहुकाल: दोपहर 3:00 से 4:30 तक,
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गुलिक काल: 12:00 से 1:30 तक,
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यमगंड: सुबह 9:00 से 10:30 तक,
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दुर्मुहूर्त: सुबह 8:44 से 9:29 तक रहेगा।
इसके अलावा, अमृत काल का शुभ समय 12:05 से 1:28 तक रहेगा, जो किसी भी कार्य की सफलता के लिए उत्तम माना गया है।
कुल मिलाकर आज का दिन आध्यात्मिक साधना, व्रत-पूजन और सूर्य अर्घ्य जैसे धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति मन को स्थिरता और सकारात्मकता की ओर प्रेरित कर रही है।






