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ॐ नमस्कार। जोधपुर मंडोर में बालसमंद क्षेत्र की घटना में मुकेश को गिरफ्तार कर JC करवानी है भाईसाहब, हमारी बैठक शुरू हो गई है। कुछ समय में इंटरनेट बंद रहेगा। आप मुझे शाम तक अपडेट करना। हमारी ओर से दो ही आग्रह है। मुकेश को रात भर हवालात में रखना है और कल JC करना है। FIR दर्ज करनी है मुकेश के खिलाफ।
ये मैसेज मारपीट के मामले में मंडोर थाने में गिरफ्तार आरोपी महेंद्र चौधरी ने RSS के नाम से एक पुलिस अधिकारी को 24 सितंबर को भेजा। पुलिस ने जांच की तो मामला मैसेज करने वाले का RSS से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
महेंद्र चौधरी (24) को 9 महीने पहले मंगनीराम बांगड़ मेमोरियल (MBM) यूनिवर्सिटी में परीक्षा के दौरान जनवरी 2025 को नकल करते हुए पकड़ा गया था।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की परीक्षा में महेंद्र चौधरी ने एक्जामिनर और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के HOD से मारपीट की थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। आरोप है कि उसने एक्जामिनर को थप्पड़ मार दिया था। वहीं यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के HOD को लात मारी और मुंह पर मुक्का मारा था।
हले जानें आरोपी की कुंडली और मोबाइल सिम की सच्चाई
मंडोर निवासी मुकेश ढाका ने 27 सितंबर को मंडोर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि मैं 27 सितंबर सुबह 9 बजे परिवार के साथ घर पर बैठा था। उसी समय महेंद्र चौधरी कार से मेरे घर आया और गाली-गलौज करने लगा। मैंने उसे रोककर समझाया तो उसने मेरे पिता के साथ भी दुर्व्यवहार किया।
मुकेश ने बताया कि महेंद्र ने पड़ोसियों के सामने मेरे पिता को गोली मारने की धमकी दी। महेंद्र ने भी इससे पहले 24 सितंबर को मुकेश के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी थी। महेंद्र ने एक अधिकारी को भारती भवन जयपुर के नाम से मैसेज करने के बाद CI को वॉट्सऐप पर कॉल करके मामले में कार्रवाई नहीं करने को कहा। पुलिसकर्मी को धमकाते हुए उसे देख लेने की बात भी कह डाली।
पुलिस ने यों कड़ी से कड़ी जोड़ी मंडोर पुलिस ने फोन नंबर की जांच की तो ये सिम महेंद्र चौधरी के भाई जगदीश निवासी रॉयल्टी नाका पुलिस थाना मंडोर के नाम पर मिली। पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी महेंद्र को थाने में लाकर सख्ती से पूछताछ की। उसके मोबाइल की जांच की तो उसमें RSS कार्यालय के नाम से वॉट्सऐप नंबर चालू मिला। जिससे वह अधिकारियों को धमकाता था। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर वॉट्सऐप चैट पढ़ी तो पूरी पोल खुल गई।
मामले में एमबीएम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अमित मीणा और HOD श्रवण मेघवाल ने आरोपी महेंद्र चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद कुलपति डॉ अजय शर्मा ने महेंद्र चौधरी को निलंबित कर दिया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
वहीं करीब एक साल पहले महेंद्र चौधरी ने अपने भाई के नाम से नई सिम खरीदी। ट्रू-कॉलर और वॉट्सऐप पर उसने भारती भवन संघ कार्यालय जयपुर के नाम से रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद इसी नंबर से अलग-अलग कार्यालयों के अधिकारियों को मैसेज कर अपने काम निकलवाता।
महेंद्र ने बड़े अधिकारियों को फर्जी नंबर से फोन करके कई काम करवाए
आरोपी महेंद्र चौधरी ने कई आईएएस, आईपीएस और पुलिस निरीक्षक को फर्जी फोन नंबर से कॉल करके अपने काम करवाए हैं। इसके अलावा अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को भी संघ कार्यालय के नाम पर अपने काम निकलवा चुका है।
मामले के खुलने के बाद जोधपुर के एक बड़े अधिकारी को विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने भी इस नंबर से आए मैसेज और फोन पर कई काम किए थे। वहीं अब फजीहत होने के चक्कर में वे अधिकारी भी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। पुलिस अब जांच कर रही है कि महेंद्र चौधरी ने किन-किन लोगों को कॉल कर काम निकलवाए हैं।






