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केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने जैसलमेर के बासनपीर गांव में जुंझार रामचंद्र सिंह सोढ़ा और हदूद पालीवाल की ऐतिहासिक छतरियों के पुनर्निर्माण कार्य में अराजकतावादी तत्वों द्वारा बाधा उत्पन्न करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
गुरुवार को वहां पुननिर्माण कार्य में बाधा पहुंचाने वाले कुछ अराजक तत्वों द्वारा पथराव करने वालों को चेतावनी देते हुए शेखावत ने कहा कि रामचंद्र सिंह सोढ़ा और हदूद पालीवाल समाज का गौरव हैं। दोनों महान विभूतियों के नाम पर निर्मित छतरियां प्रेरणा स्थान हैं। केंद्रीय मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अराजक तत्व अच्छी तरह याद रखें, पत्थरबाजी तो क्या एक कंकड़ भी सामाजिक अस्मिता पर हमला है। ऐसा करने वाले बहुत गंभीर परिणाम भुगतेंगे। समाज में शांति महत्वपूर्ण है, समुदाय को विभक्त करने वाली हरकतें नहीं।


यह है मामला
जैसलमेर के बासनपीर में पुरानी छतरियों के निर्माण को लेकर पुलिस की मौजूदगी में दो गुटों में झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। एक पक्ष ने महिलाओं और बच्चों को आगे कर पत्थर फेंके। महिलाओं ने भी पुलिस पर पथराव किया। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पथराव में कॉन्स्टेबल समेत तीन लोग घायल हो गए।
मामला गुरुवार सुबह 10 बजे का है। गांव में तालाब किनारे बनी छतरियों के निर्माण को लेकर कुछ लोग पहुंचे थे। इसी को लेकर विवाद शुरू हो गया था।
गांव के तालाब में कई पौराणिक छतरियां थीं, लेकिन किसी वजह से इन्हें तोड़ दिया गया था। इसे लेकर एक पक्ष लंबे समय से इनके दोबारा निर्माण की मांग कर रहा था। प्रशासन की ओर से जब निर्माण की स्वीकृति मिली तो विरोध शुरू हुआ।
गांव में जुंझार रामचंद्र सिंह सोढ़ा और जुंझार पालीवाल जी की छतरियों का पुनर्निर्माण चल रहा था। इसी दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और पत्थरबाजी शुरू कर दी। घटना में कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच बचाव करने आए तो ग्रामीणों ने उन पर भी पथराव करना शुरू कर दिया। इधर, भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।






