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राजस्थान में इस साल मानसून ने समय से सात दिन पहले दस्तक दी है। बुधवार, 18 जून को मानसून ने प्रदेश में एंट्री ली, जो सामान्यत: 25 जून के आसपास आता है। इस तरह 2021 के बाद यह पहला मौका है जब मानसून ने इतनी जल्दी प्रदेश में प्रवेश किया है।

राजस्थान में इस साल मानसून ने समय से सात दिन पहले दस्तक दी है। बुधवार, 18 जून को मानसून ने प्रदेश में एंट्री ली, जो सामान्यत: 25 जून के आसपास आता है। इस तरह 2021 के बाद यह पहला मौका है जब मानसून ने इतनी जल्दी प्रदेश में प्रवेश किया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।


इसके विपरीत कई बार मानसून ने देरी से भी प्रदेश में प्रवेश किया है। 2007 और 2019 में मानसून 15 जुलाई को पहुंचा था, जो सबसे देरी से मानसून आने के उदाहरण हैं। 2008 में 10 जुलाई और 2012 में 5 जुलाई को भी मानसून देरी से आया था।
प्रदेश के आधे से अधिक हिस्से में मानसून सक्रिय]\
मानसून के पहले ही दिन राजस्थान के आधे से अधिक हिस्से में सक्रियता देखने को मिली है। खासकर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान—उदयपुर, कोटा संभाग के सभी जिले, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। बीते 24 घंटों के भीतर राज्य के अधिकांश भागों में मध्यम से तेज बारिश तो कुछ जगहों पर भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
पूर्वी राजस्थान के भरतपुर जिले के कामां में 101 एमएम बारिश हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के जालोर जिले के रानीवाड़ा में 84 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, एक लो प्रेशर एरिया वर्तमान में मध्य राजस्थान के ऊपर बना हुआ है, जिसके असर से आगामी दो दिनों तक प्रदेश में मानसूनी सक्रियता बनी रहेगी।
भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, आने वाले दो दिन—19 और 20 जून को—उदयपुर, कोटा और अजमेर संभागों में कहीं-कहीं भारी और कहीं अति भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में अगले दो दिनों में कुछ स्थानों पर 100 एमएम से अधिक बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं शेष पूर्वी राजस्थान में भी कहीं मध्यम और कहीं तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी और इसके आसपास के इलाकों में एक और लो प्रेशर सिस्टम विकसित हो रहा है, जो अगले 2-3 दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। इसका असर 21 जून से पूर्वी राजस्थान में देखने को मिलेगा।
21 से 23 जून के बीच दूसरा भारी बारिश का दौर
21 जून से 23 जून के बीच एक और भारी बारिश का दौर पूर्वी राजस्थान को प्रभावित करेगा। मौसम विभाग ने इस दौरान भी कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। कुल मिलाकर, पूर्वी राजस्थान में अगले 5-7 दिनों तक ज्यादातर इलाकों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों के सीमावर्ती इलाकों में जरूर बारिश में कमी रहेगी, लेकिन इन क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक जारी रहेंगी।
किसानों और आमजन के लिए राहत
समय से पहले मानसून की दस्तक और पहले ही दिन अच्छी बारिश से किसानों और आमजन में राहत की लहर है। खेतों में समय पर बुवाई की उम्मीदें जगी हैं, वहीं जलाशयों और तालाबों के भरने की शुरुआत भी इस वर्ष जल्दी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के समय सतर्कता बरतें और जरूरी एहतियात अपनाएं।
इस बार राजस्थान में मानसून ने समय से पहले दस्तक देकर जहां राहत दी है, वहीं आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनियों को लेकर सतर्कता बरतना जरूरी होगा। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले एक हफ्ते तक राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिससे जल संकट झेल रहे इलाकों को भी कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है।






