![]()
सोशल मीडिया पर दोस्ती के जाल में फंसकर अपने घर से करीब 2500 किलोमीटर दूर नवलगढ़ पहुंची 18 वर्षीय युवती, पत्रिका की पहल पर पहुंची अपने घर

झुंझुनूं। सोशल मीडिया पर दोस्ती के जाल में फंसकर अपने घर से करीब 2500 किलोमीटर दूर नवलगढ़ पहुंची मेघालय की 18 वर्षीय युवती को राजस्थान पत्रिका के सहयोग से नवलगढ़ पुलिस ने सुरक्षित घर भेज दिया है। जयपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होते समय युवती खुशी से झूम उठी और गाड़ी में बैठते हुए बोली ‘थैंक्यू राजस्थान पत्रिका’।

धर्मशाला में मिली रोती-बिलखती
दरअसल सोमवार सुबह करीब 8 बजे पत्रिका को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि नवलगढ़ के बावड़ी गेट बस स्टैंड के पास स्थित मिठूका धर्मशाला में एक युवती बैठी है, जो खुद को मेघालय की निवासी बता रही है और लगातार रो रही है। इस पर पत्रिका टीम ने उससे बात की तो उसने बताया कि उसे मणिपुर के एक युवक ने शादी का झांसा देकर नवलगढ़ लाया। यहां उसकी नीयत पर शक होने पर वह रात के समय मौका देखकर भागी और खेतों के रास्ते होकर नवलगढ़ पहुंची।
पुलिस की तत्परता, दो दिन में टिकट
पत्रिका टीम ने तत्काल नवलगढ़ थाना प्रभारी सीआई सुगन सिंह बिजारणिया को जानकारी दी। कुछ देर में महिला कांस्टेबल सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवती से बातचीत कर उसके परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद नवलगढ़ पुलिस ने मेघालय पुलिस से समन्वय करते हुए दो दिनों तक लगातार संवाद बनाए रखा। मंगलवार शाम को मेघालय पुलिस की ओर से जयपुर से गुवाहाटी की फ्लाइट की टिकट भेज दी गई।
पाटोदिया परिवार ने दी तीन दिन शरण
जब युवती मिठूका धर्मशाला में मिली तो पास में रहने वाले संजय पाटोदिया व उनकी पत्नी पूनम पाटोदिया मौके पर पहुंचे। पूनम ने बताया कि उनका पीहर भी मेघालय में है, इसलिए वे युवती को अपने घर ले जाने के लिए तैयार हुए। पुलिस की अनुमति के बाद युवती को पाटोदिया परिवार के संरक्षण में रखा गया।







