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कार्डियक अरेस्ट के दौरान सीपीआर (CPR) देकर जीवन बचाया जा सकता है।
लेकिन हर बेहोश व्यक्ति को यह देने की जरूरत नहीं होती, और गलत समय पर सीपीआर देने से गंभीर खतरे हो सकते हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि बेहोश व्यक्ति की सही देखभाल करना जरूरी है।
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केवल सटीक परिस्थितियों में ही CPR देना सुरक्षित और प्रभावी होता है।
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गैर-जरूरी CPR देने से हड्डियों में चोट, अंगों को नुकसान या अन्य स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
💡 इसीलिए सीपीआर की सही जानकारी और प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।
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🫀⚠️ सीपीआर सिर्फ सही समय पर ही दें, हर बेहोश व्यक्ति को नहीं! डॉक्टर की सलाह जानें ⚠️🫀
📍 स्थान: यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद
🕒 अपडेट: 2025
सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) एक जीवनरक्षक तकनीक है, जो कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर स्थिति में तुरंत जीवन बचा सकती है।
लेकिन हर बेहोश व्यक्ति पर इसे देना सुरक्षित नहीं होता, और गलत समय पर देने से हड्डियों और अंगों को नुकसान हो सकता है।
👨⚕️ डॉक्टर बिनय कुमार पांडे का कहना
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CPR सिर्फ तभी दें, जब व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो, प्रतिक्रिया नहीं दे रहा हो और नब्ज नहीं चल रही हो।
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अगर धड़कन और सांस सामान्य हैं, तो CPR देने से फायदा नहीं बल्कि नुकसान हो सकता है।
“बेहोश होते ही पैनिक में लोग CPR देने लगते हैं, लेकिन हर बेहोश व्यक्ति को इसकी जरूरत नहीं होती,” कहते हैं डॉक्टर बिनय।
🧠 बेहोशी के आम कारण
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लो ब्लड प्रेशर
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डिहाइड्रेशन
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हीट एग्जॉशन
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एंग्जायटी
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दिमाग तक ब्लड फ्लो में अस्थाई रुकावट

✅ सबसे पहले क्या करें?
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व्यक्ति की सांस और नब्ज चेक करें।
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अगर सांस और नब्ज सामान्य हैं:
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व्यक्ति को पीठ के बल जमीन पर लेटाएं, पैरों को धीरे ऊपर उठाएं।
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कपड़े ढीले करें और ताजी हवा आने दें।
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होश आने पर धीरे से बैठाएं।
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यदि बेहोशी 1 मिनट से ज्यादा रहे या सीने में दर्द, तेज धड़कन या दिल की बीमारी हो, तुरंत डॉक्टर या एंबुलेंस बुलाएं।

⚠️ ध्यान रखें
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खुद शांत रहें और लगातार सांस और नब्ज पर नजर रखें।
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अगर सांस असामान्य, बार-बार बेहोशी या दौरे हों, तो तुरंत अस्पताल से संपर्क करें।
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बुजुर्ग और दिल के मरीजों में बेहोशी को हल्के में न लें।

❌ क्या न करें
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सांस और नब्ज चलने पर CPR न दें।
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मरीज को तेज हिलाएं या जबरदस्ती खड़ा न करें।
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बिना डॉक्टर की सलाह दवा न दें।
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मरीज के आसपास भीड़ न लगाएं।

💡 डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। एनबीटी इसकी सटीकता या असर की जिम्मेदारी नहीं लेता। यह किसी भी तरह से दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता।
हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।






