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अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अडानी एक बार फिर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। यह मामला वर्ष 2022 में एनडीटीवी के अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि एनडीटीवी को खरीदने से पहले इस डील से जुड़ी अहम और संवेदनशील जानकारी कुछ लोगों के साथ साझा की गई थी, जिसके आधार पर शेयर बाजार में लेनदेन किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोप यह भी है कि अधिग्रहण की सार्वजनिक घोषणा से पहले कुछ चुनिंदा निवेशकों को सौदे की जानकारी मिल गई थी, जिससे उन्हें शेयर ट्रेडिंग में फायदा पहुंचा। यह पूरा मामला अब नियामक एजेंसियों की जांच के दायरे में है। हालांकि, अडानी ग्रुप की ओर से पहले भी ऐसे आरोपों से इनकार किया जाता रहा है और कंपनी ने सभी लेनदेन को नियमों के अनुरूप बताया है।
फिलहाल यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या निष्कर्ष निकालती हैं और क्या आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक कार्रवाई होती है या नहीं।
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📰 NDTV डील से पहले ‘लीक’ हुई अहम जानकारी?
🔥 प्रणव अडानी पर फिर इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप, सेबी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
नई दिल्ली:
मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के बेटे और अडानी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अडानी पर एक बार फिर इनसाइडर ट्रेडिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला वर्ष 2022 में NDTV के अधिग्रहण से जुड़ा है। सेबी का आरोप है कि प्रणव अडानी ने ओपन ऑफर से जुड़ी प्राइस-सेंसिटिव जानकारी (UPSI) सार्वजनिक होने से पहले अपने करीबी रिश्तेदारों के साथ साझा की, जो नियमों का उल्लंघन है। ⚖️📉
यह खुलासा इकोनॉमिक टाइम्स (ET) द्वारा देखे गए एक आधिकारिक दस्तावेज के आधार पर हुआ है।
📌 किसे-किसे भेजा गया नोटिस?
सेबी ने 15 अक्टूबर 2025 को इस मामले में
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प्रणव अडानी
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उनके साले कुणाल शाह और नृपल शाह
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ससुर धनपाल शाह
को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सेबी का कहना है कि अगस्त 2022 में, जब NDTV अधिग्रहण की जानकारी गोपनीय थी, उस दौरान इन लोगों के बीच कई बार फोन कॉल्स हुईं। 📞
रिपोर्ट लिखे जाने तक सेबी, अडानी ग्रुप या संबंधित व्यक्तियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
🧩 क्या है पूरा मामला?
👉 23 अगस्त 2022 को ओपन ऑफर मैनेजर JM Financial ने बाजार बंद होने के बाद स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि
विश्वप्रधान कमर्शियल, AMG मीडिया नेटवर्क्स और अडानी एंटरप्राइजेज मिलकर NDTV की 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर लाएंगे।
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🔢 ओपन ऑफर प्राइस: ₹294 प्रति शेयर
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📊 शेयरों की संख्या: 1.676 करोड़
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💰 कुल वैल्यू: करीब ₹492.81 करोड़
सेबी के मुताबिक, जब तक यह जानकारी आधिकारिक रूप से एक्सचेंजों के जरिए सार्वजनिक नहीं हुई, तब तक इसे UPSI माना गया।
📈 घोषणा के बाद उछले NDTV के शेयर
📅 24 अगस्त 2022 को बाजार खुलते ही NDTV के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला—
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शेयर करीब 2.5% ऊपर खुले
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कारोबार खत्म होने तक लगभग 5% की बढ़त दर्ज की गई
सेबी का मानना है कि यह उछाल बताता है कि ओपन ऑफर की जानकारी शेयर कीमत के लिए बेहद अहम थी।
🔍 सेबी की जांच में क्या सामने आया?
सेबी ने 2 मई 2022 से 15 सितंबर 2022 तक की अवधि की जांच की, जिसमें
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प्री-UPSI
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UPSI
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और घोषणा के बाद का चरण शामिल था।
जांच में सामने आया कि कुणाल शाह ने कथित तौर पर UPSI अवधि के दौरान कई बार NDTV के शेयर खरीदे, जिनमें घोषणा से ठीक पहले के दिन और हफ्ते भी शामिल हैं। 📑
⚠️ मामला क्यों है पेचीदा?
दिलचस्प बात यह है कि पिछले हफ्ते ही सेबी ने सबूतों की कमी के चलते प्रणव अडानी और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ एक अन्य इनसाइडर ट्रेडिंग केस बंद कर दिया था, जो SB Energy Holdings के अधिग्रहण से जुड़ा था।
ऐसे में NDTV डील से जुड़ा यह मामला अब नियामक और बाजार दोनों के लिए बेहद अहम बन गया है।
🧠 आगे क्या?
अब सबकी नजर इस पर है कि
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सेबी इस नोटिस के बाद क्या अगला कदम उठाता है ❓
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क्या यह मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचेगा या फिर सबूतों के अभाव में बंद हो जाएगा ❓
फिलहाल, यह केस कॉरपोरेट इंडिया और शेयर बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला विषय बन चुका है। 📢📊






