ज़ीरो बैलेंस खाताधारकों के लिए बड़ी राहत: RBI ने बैंकों को 7 दिन में मुफ्त सुविधाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया


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अब BSBD (बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट) खाताधारकों को भी मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग की पूरी सुविधा मिलेगी। RBI ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बैंक इन जीरो बैलेंस खातों पर भी डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करें, ताकि ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सके।

basic savings bank deposit

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जीरो बैलेंस वाले बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट्स के लिए मुफ्त सुविधाओं का दायरा और बढ़ा दिया है। अब इन खातों को किसी ‘कमतर’ या ‘काम-चलाऊ’ विकल्प के रूप में नहीं देखा जाएगा। RBI ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बैंक BSBD अकाउंट्स को सामान्य सेविंग्स अकाउंट जैसी सुविधाएं प्रदान करें। इसके तहत, अगर कोई ग्राहक लिखित या ऑनलाइन आवेदन करता है, तो बैंक को सात दिनों के भीतर उसका मौजूदा सेविंग्स अकाउंट BSBD अकाउंट में बदलना होगा। यह नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे।

RBI ने यह भी कहा है कि BSBD खातों में सभी जरूरी सुविधाएँ होनी चाहिए, जैसे कैश जमा करना, ऑनलाइन या चेक के माध्यम से पैसा मंगाना, और महीने में कितनी भी बार पैसा जमा करने पर कोई रोक नहीं। इसके अलावा, ग्राहकों को बिना किसी सालाना चार्ज के एटीएम/डेबिट कार्ड, कम से कम 25 पन्नों वाली चेकबुक, फ्री इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग, मंथली पासबुक या स्टेटमेंट जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी। महीने में कम से कम चार बार कैश निकालना फ्री होगा, और डिजिटल पेमेंट—जैसे PoS, NEFT, RTGS, UPI और IMPS—इन चार फ्री ट्रांजैक्शन्स में शामिल नहीं होंगे।

RBI ने स्पष्ट किया है कि ये सुविधाएं ग्राहक की मांग पर ही मिलेंगी और बैंक इन्हें खाता खोलने या चलाने की शर्त नहीं बना सकते। जिनके पास पहले से BSBD खाता है, वे भी रिक्वेस्ट करने पर इन नई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। बैंक चाहें तो अतिरिक्त सुविधाएं दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए ‘मिनिमम बैलेंस’ जैसी शर्त नहीं थोप सकते। BSBD खाता खोलने के लिए कोई जमा राशि आवश्यक नहीं होगी।

बैंकों ने पहले सुझाव दिया था कि BSBD खाते खोलने के लिए ग्राहकों की आय और प्रोफाइल के आधार पर कुछ शर्तें तय की जाएं, और इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाओं पर सीमाएं लगाई जाएं, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग जैसी संभावनाओं को रोका जा सके। RBI ने इन सुझावों को ठुकरा दिया। हालांकि, नाबालिग खातों में पैसे जमा करने या बैलेंस रखने पर कुछ पाबंदियां स्वीकार की गई हैं, जिससे जोखिम को कम किया जा सके।

नए नियमों के लागू होने के बाद, BSBD खाते न केवल गरीब और कम आय वाले ग्राहकों के लिए सुलभ और मुफ़्त बैंकिंग का साधन बनेंगे, बल्कि उन्हें डिजिटल बैंकिंग की पूरी सुविधा भी मिलेगी। RBI का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी वर्गों के ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिल सके और कोई भी ग्राहक वित्तीय सेवाओं से वंचित न रहे।

इस कदम से यह स्पष्ट संदेश गया है कि BSBD खाता केवल बेसिक सुविधा नहीं है, बल्कि यह ग्राहकों को पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक बैंकिंग अनुभव देने वाला उत्पाद है।

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