![]()
“शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक: विपक्ष ने उठाए प्रमुख मुद्दे, सरकार ने सुचारू सत्र की उम्मीद जताई”
![]()
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में दोनों सदनों के विधायी एजेंडे और अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। सरकार की ओर से राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहे, जबकि विपक्ष से कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, डीएमके सहित कई दलों के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया।
ठंडे दिमाग से काम करें…: किरेन रिजिजू
सर्वदलीय बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक में सत्र के दिनों और कार्यसूची पर जानकारी साझा की जाएगी, जबकि बाकी मुद्दों पर विपक्ष की बात पहले सुनी जाएगी। उन्होंने बताया कि शाम को लोकसभा और राज्यसभा की व्यापार सलाहकार समिति की बैठकें होंगी। रिजिजू ने कहा कि शीतकालीन सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी को शांत और संयमित तरीके से बहस करनी चाहिए, क्योंकि इससे संसद बेहतर चलेगी और देश का भी लाभ होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार किन मुद्दों को लाएगी, इस पर चर्चा बाद में होगी।
वोट चोरी का मुद्दा उठाएगा विपक्ष: कांग्रेस
सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत से बीजेपी द्वारा वोट चोरी किए जाने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर हमले, लाल किले के पास हुए विस्फोट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की विफलताओं जैसे मुद्दे भी विपक्ष की प्राथमिकता में रहेंगे। वहीं, राजद सांसद मनोज झा ने उम्मीद जताई कि सरकार चुनावी सोच से ऊपर उठकर जीडीपी, SIR और जनता की चिंताओं पर विस्तृत चर्चा करेगी।
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कहा कि SIR प्रक्रिया में BLO पर बढ़ते दबाव, वोट चोरी के आरोप, प्रदूषण और मिलावटी खाद्य पदार्थ जैसे मुद्दों पर संसद में गंभीर बहस होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि आगामी सत्र सार्थक और महत्वपूर्ण चर्चाओं से भरा होगा।






