साई सुदर्शन का कमाल: आउट होकर भी नहीं लौटे पवेलियन, यानसेन रह गए हैरान


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भारतीय टीम को गुवाहाटी टेस्ट के अंतिम दिन की शुरुआत बेहद निराशाजनक मिली। तीसरे ही ओवर में ऐसा लगा कि भारत को बड़ा झटका लग गया है, क्योंकि साई सुदर्शन कैच आउट होते दिखाई दिए। लेकिन इसी महत्वपूर्ण मौके पर दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ मार्को यानसेन से एक बड़ी गलती हो गई। उनकी इस चूक ने भारतीय बल्लेबाज को नई जिंदगी दे दी। अंपायर ने बाद में साफ किया कि यानसेन का कदम क्रीज़ से आगे निकल गया था, जिसके चलते फैसला बदल गया और साई सुदर्शन आउट होने से बच गए। यह पल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, क्योंकि भारत दबाव में था और यह जीवनदान टीम के लिए बेहद अहम रहा।

Sai sudharsan

गुवाहाटी टेस्ट के निर्णायक आखिरी दिन भारतीय टीम बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। मैच बचाने के लिए भारत को 522 रनों का असंभव-सा लक्ष्य मिला है, जिसे हासिल करना तो दूर, लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना ही टीम के लिए बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है। दूसरी तरफ साउथ अफ्रीकी टीम को सिर्फ 8 विकेट चाहिए और वे पूरी कोशिश में हैं कि सीरीज को क्लीन स्वीप के साथ खत्म किया जाए।

दिन की शुरुआत भारतीय बल्लेबाजों के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही। महज 16वीं ही गेंद थी जब ऐसा लगा कि भारतीय पारी को बड़ा झटका लग गया है। साई सुदर्शन, जो अपने टेस्ट करियर की शुरुआत के बाद अभी तक प्रभाव डालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मार्को यानसेन की गेंद पर कैच आउट होते दिखे। गेंद उनके बल्ले का किनारा ले चुकी थी और विकेटकीपर काइल वेरेन ने कैच पूरा भी कर लिया। मैदान पर अम्पायर की उंगली ऊपर उठ चुकी थी और साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी विकेट का जश्न भी मनाने लगे थे।

नो बॉल ने साई सुदर्शन को बचाया

लेकिन तभी पूरे माहौल का रुख बदल गया। स्टेडियम में अचानक नो बॉल का सायरन बज गया, जिसने सभी को चौंका दिया। रिप्ले में साफ दिखा कि गेंद डालते समय मार्को यानसेन का अगला पैर क्रीज से काफी आगे निकल चुका था। नियमों के तहत गेंद तुरंत नो बॉल करार दी गई और इस तरह साई सुदर्शन आउट होने के बावजूद पवेलियन वापस जाने से बच गए।

यह गलती भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आई, क्योंकि एक शुरुआती विकेट टीम के आत्मविश्वास को और कमजोर कर सकता था। वहीं साई सुदर्शन के लिए भी यह मौका बेहद अहम है। इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट डेब्यू करने के बाद से वह अभी तक रन बनाने में निरंतरता नहीं दिखा पाए हैं। पिछले टेस्ट में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर भी कर दिया गया था, लेकिन शुभमन गिल के चोटिल होने के कारण उन्हें इस मैच में दोबारा मौका मिला है। ऐसे में यह पारी उनके करियर को नई दिशा देने वाला मोड़ साबित हो सकती है।

सार रूप में—मार्को यानसेन की एक गलती ने न सिर्फ भारत को शुरुआती बड़े झटके से बचा लिया, बल्कि युवा साई सुदर्शन को भी खुद को साबित करने का एक और बहुमूल्य अवसर दे दिया।

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