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राजस्थान में ठंड ने इस बार समय से पहले दस्तक दे दी है। नवंबर की शुरुआत में ही तापमान तेज़ी से गिर रहा है और माउंट आबू में पारा शून्य तक पहुंच गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्तनों और वाहनों पर बर्फ जमने लगी है, जिससे प्रदेश में कड़ाके की ठंड का अहसास बढ़ गया है।
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राजस्थान में इस बार सर्दी ने सामान्य से कहीं पहले और अपेक्षा से अधिक तीखे रूप में दस्तक दी है। नवंबर के महीने में ही तापमान 15 साल के रिकॉर्ड तोड़ते हुए तेजी से गिरा है। प्रदेश के हिल स्टेशन माउंट आबू में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जिसके कारण बर्तनों, कारों और आसपास की सतहों पर बर्फ जमने लगी है। यह स्थिति आमतौर पर दिसंबर के अंत या जनवरी में देखने को मिलती है, लेकिन इस बार ठंड ने एक महीने पहले ही अपना असर दिखा दिया।
सिर्फ माउंट आबू ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को राज्य के 18 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। शेखावाटी का फतेहपुर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 4.9 डिग्री सेल्सियस पर रिकॉर्ड किया गया। सीकर, नागौर, लूणकरणसर, दौसा, जालोर और करौली जैसे शहरों में भी तापमान 5 से 7 डिग्री के बीच रहा, जिससे शीतलहर ने लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया।
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश भर में ठंड को और तेज कर दिया है। आने वाले एक–दो दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस और गिरने की संभावना जताई गई है। लगातार गिरते तापमान के चलते प्रदेश के कई इलाके तेज ठंड की चपेट में हैं और लोगों को सुबह–शाम कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।






