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लेबर पेन का इंतजार करना भारी पड़ सकता है, इससे बच्चे की सेहत को खतरा हो सकता है। ऐसा ही एक मामला देखने को मिला, जहां पूरा परिवार महिला के पानी गिरने को नजरअंदाज करता रहा। इसके साइड इफेक्ट जानते हैं।

प्रेगनेंसी के पहले महीने से 9वें महीने तक काफी सावधानी बरतनी चाहिए। एक महिला के बच्चे पर खतरा मंडराने लगा था। जो कि गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर सोनिया गुप्ता के पास आई थी। दरअसल उसके घरवालों ने एक बड़ी गलती कर दी थी, जिसे नौवें महीने में आपको बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
रिपोर्ट देखकर डॉक्टर के उड़े होश
जब डॉक्टर ने सोनोग्राफी की रिपोर्ट देखी तो उसके होश उड़ गए। बच्चे के चारों तरफ पानी बहुत सूख गया था। बच्चे को खतरा बढ़ रहा था, इसकी वजह से उसे नर्सरी में भी रखना पड़ सकता था। इसके बाद महिला ने बताया कि आखिर गलती कहां हुई।
प्रेगनेंसी के नौवें महीने में ना करें ये गलती
महिला ने बताया कि उसे 2 दिन से पानी पड़ रहा था। लेकिन घरवाले डॉक्टर के पास लेकर नहीं आ रहे थे। जब घरवालों से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वो दर्द होने का इंतजार कर रहे थे।
लेबर के पूरे संकेत
डॉक्टर सोनिया गुप्ता ने बताया कि 9वें महीने में आपको सिर्फ दर्द का इंतजार नहीं करना है। यदि आपको दर्द नहीं हो रहा है, लेकिन आपको पानी पड़ रहा है,ब्लीडिंग हो रही है, खून पड़ रहा है या बेवी की मूवमेंट नहीं हो रही है तो ये भी लेबर के संकेत होते हैं।
लेबर पेन का ना करें इंतजार
दर्द का ना करें इंतजार
डॉक्टर ने कहा कि इस फैमिली की तरह गलती नहीं करनी। क्योंकि जब पानी पड़ना शुरू होता है, इसका मतलब बच्चे के चारों तरफ की झिल्ली फट चुकी है। जो पानी निकलता है वो बच्चे के चारों तरफ का ही कम होता है।
बच्चे को हो सकती है दिक्कत
पानी जाने की वजह से बच्चे को ऑक्सीजन नहीं मिलती। बच्चे का अंग, कॉर्ड आदि दबने लग जाते हैं। जिसकी वजह से बच्चे की धड़कन भी कम होने लग जाती है। पानी कम होने की वजह से बच्चे को बाद में भी दिक्कत होती है और वो नर्सरी में भी जाता है।
डिस्क्लेमर: लेख में दिए गए नुस्खे की जानकारी व दावे पूरी तरह से इंस्टाग्राम पर प्रकाशित रील पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। किसी भी तरह के नुस्खे को आजमाने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।






