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Today Panchang , 7 November 2025 | Marhshrish Month 2025, Dwitiya Tithi : आज मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। साथ ही आज द्वितीय तिथि पूर्वाह्न 11 बजकर 06 मिनट तक उपरांत तृतीय तिथि का आरंभ रोहिणी नक्षत्र अर्धरात्री 12 बजकर 33 मिनट तक उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ।

7 नवंबर 2025 का दैनिक पंचांग (Aaj Ka Panchang) हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को दर्शाता है। आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिन कई शुभ योगों और ग्रह संयोगों से परिपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, आज विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947, तथा हिजरी संवत 1447 चल रहा है। सौर कार्तिक मास का प्रविष्टे 22वां दिन है, और यह समय हेमंत ऋतु का प्रारंभिक चरण माना जाता है, जब वातावरण में हल्की ठंडक का अहसास बढ़ने लगता है और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत शुभ मानी जाती है।
आज का सूर्योदय सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 32 मिनट पर होगा। चंद्रमा पूरे दिन और रात वृषभ राशि (Taurus) में संचार करेगा, जो स्थिरता, सुख और भौतिक समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। आज रोहिणी नक्षत्र रात्रि 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा। रोहिणी नक्षत्र को चंद्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र कहा गया है, और इस नक्षत्र में किया गया कोई भी कार्य स्थायी फल देता है।
योग की बात करें तो आज परिधि योग रात्रि 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद शिव योग का प्रारंभ होगा। शिव योग अत्यंत शुभ माना जाता है और इस योग में आरंभ किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है। करणों में गर करण पूर्वाह्न 11:06 बजे तक रहेगा, जिसके बाद विष्टि करण (भद्रा) प्रारंभ होगा। भद्रा काल में शुभ कार्यों से बचना चाहिए क्योंकि यह समय अशुभ माना जाता है।
दिन के शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:53 से 5:45 बजे तक रहेगा। यह समय साधना, ध्यान, जप और किसी नए संकल्प के आरंभ के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 1:54 से 2:37 बजे तक रहेगा, जो राजकीय कार्यों, व्यापारिक निर्णयों या महत्वपूर्ण सौदों के लिए अत्यंत अनुकूल है। गोधूलि बेला शाम 5:32 से 5:59 बजे तक का समय भी शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है, विशेष रूप से गृह प्रवेश या यात्रा आरंभ के लिए।
वहीं, आज के अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक, गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक, और यमगंड काल दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में किसी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। अमृत काल सुबह 9:21 से 10:43 बजे तक रहेगा, जो हर प्रकार के कार्यों के लिए अत्यंत लाभदायक माना गया है। दुर्मुहूर्त सुबह 8:48 से 9:32 बजे तक रहेगा, जो बाधाओं का संकेत देता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित होता है। इसलिए आज के दिन “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना विशेष फलदायी रहेगा। यह उपाय व्यक्ति के जीवन में सौंदर्य, समृद्धि, वैवाहिक सुख और वित्तीय स्थिरता को बढ़ाता है। साथ ही, आज दान-पुण्य और किसी जरूरतमंद की मदद करने से शुभ फल प्राप्त होंगे।
कुल मिलाकर, 7 नवंबर 2025 का दिन ग्रहों की दृष्टि से संतुलित है — सुबह और शाम के समय शुभ मुहूर्त हैं जबकि मध्याह्न का समय सावधानी बरतने योग्य है। जो लोग आज नए कार्यों की शुरुआत करना चाहते हैं, उन्हें सुबह या विजय मुहूर्त का चयन करना चाहिए ताकि सफलता निश्चित हो सके।






