![]()
चीन की प्रॉपर्टी मार्केट इस समय गहरी मंदी के दौर से गुजर रही है। देश के सबसे बड़े आर्थिक सेक्टरों में से एक माने जाने वाले रियल एस्टेट क्षेत्र में मकानों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 42% तक घट गई है। सरकार द्वारा बाजार को संभालने के लिए कई कदम उठाए गए, लेकिन अब तक कोई खास असर नहीं दिखा। विशेषज्ञों का कहना है कि मांग में भारी कमी और डेवलपर्स पर बढ़ते कर्ज ने इस सेक्टर को बुरी तरह कमजोर कर दिया है, जिससे चीन की समग्र अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
![]()
कभी चीन की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाला प्रॉपर्टी सेक्टर इस समय गहरी मंदी से गुजर रहा है। अक्टूबर में मकानों की बिक्री में पिछले साल की तुलना में करीब 42% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले चार सालों में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। सरकार ने रियल एस्टेट मार्केट को सहारा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती, नियमों में ढील और पुनर्विकास योजनाओं जैसे कई कदम उठाए, लेकिन उनका असर नगण्य रहा।
चीन रियल एस्टेट इंफॉर्मेशन कॉर्पोरेशन (CRIC) के अनुसार, देश की 100 प्रमुख प्रॉपर्टी कंपनियों की नई बिक्री केवल 35.6 अरब डॉलर रही, जो बीते साल की तुलना में लगभग 41.9% कम है। विश्लेषकों का कहना है कि कमजोर जॉब मार्केट, घटती खरीद क्षमता, और डेवलपर्स पर बढ़ता कर्ज इस गिरावट के मुख्य कारण हैं। कई डेवलपर्स अपने पुराने प्रोजेक्ट पूरे करने या कर्ज चुकाने में संघर्ष कर रहे हैं, जिससे खरीदारों का भरोसा लगातार घटता जा रहा है।
अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, नए घरों की बिक्री में क्षेत्रफल के आधार पर 15% तक और मूल्य के लिहाज से 10% तक गिरावट संभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन सरकार को अब प्रॉपर्टी सेक्टर को स्थिर करने के लिए सीधे आर्थिक प्रोत्साहन, टैक्स छूट और सब्सिडी योजनाओं पर फोकस करना होगा।
कुल मिलाकर, चीन का प्रॉपर्टी मार्केट एक ऐसे मोड़ पर है जहां से उबरने के लिए केवल नीतिगत सुधार नहीं, बल्कि लोगों का भरोसा वापस लाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।






