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“Bihar Election 2025 – बिहारशरीफ विधानसभा सीट पर महागठबंधन की एकता दांव पर है”
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“Bihar Election 2025: बिहारशरीफ में महागठबंधन की एकता की परीक्षा”
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“Bihar Election 2025: बिहारशरीफ में महागठबंधन के भीतर बढ़ी तनातनी”
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“Bihar Election 2025: कांग्रेस-भाकपा आमने-सामने, बिहारशरीफ में एकता पर सवाल”
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“Bihar Election 2025: बिहारशरीफ में महागठबंधन के दो साथी आमने-सामने”
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“Bihar Election 2025: बिहारशरीफ में महागठबंधन की साख पर संकट”

- बिहारशरीफ विधानसभा सीट पर महागठबंधन में अंदरूनी टकराव तेज हो गया है।
नाम वापसी की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद कांग्रेस के उमैर खान और भाकपा के शिवकुमार यादव उर्फ सरदार जी दोनों मैदान में बने हुए हैं।
6 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले दोनों उम्मीदवार जनसंपर्क अभियान में जुटे हैं।
इस बीच, भाकपा प्रत्याशी ने राजद नेताओं से समर्थन मांगा है और आरोप लगाया है कि कांग्रेस प्रत्याशी ने वादे के बावजूद नाम वापस नहीं लिया। -
कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें और झंडे हटाने की चेतावनी
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भाकपा प्रत्याशी शिवकुमार यादव ने महागठबंधन से 24 घंटे में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्पष्टता नहीं दी गई, तो कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें और झंडे उनके प्रचार से हटा दिए जाएंगे।
शिवकुमार ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव कांग्रेस उम्मीदवार को अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते हैं, तो वे पीछे हट जाएंगे, अन्यथा पार्टी ‘दोस्ताना मुकाबले’ के लिए तैयार है। -
बिहारशरीफ सीट पर महागठबंधन की अंदरूनी खींचतान जारी है।
राजद जिलाध्यक्ष अशोक कुमार हिमांशु ने बताया कि पार्टी को अभी तक शीर्ष नेतृत्व से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है, और सभी नेता फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं।
कांग्रेस और भाकपा उम्मीदवारों के आमने-सामने आने से गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
यह स्थिति महागठबंधन के लिए न केवल समन्वय की परीक्षा बन गई है, बल्कि इससे विरोधियों को भी राजनीतिक फायदा मिलने की संभावना बढ़ गई है।






