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जैसलमेर बस अग्निकांड में पुलिस ने स्लीपर बस के मालिक तुराब अली और ड्राइवर शौकत को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- इस मामले में 2 FIR दर्ज हुई थी।
वहीं, इस अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। 54 साल की भागा बानो की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर एम्स और महात्मा गांधी अस्पताल में रखे 18 शव परिजनों को सौंप दिए। एक शव की पहचान नहीं हो पाई है।
हादसे में जान गंवाने वाले सैन्यकर्मी महेंद्र मेघवाल, उनकी पत्नी और 3 बच्चों के शव गुरुवार शाम को जोधपुर से शेरगढ़ के लवारन गांव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। गांव में 5 अर्थियां एक साथ निकली तो सभी की आंखें नम हो गई।
हादसे के बाद परिवहन विभाग की टीम ने जैनम कोच क्राफ्टर, जोधपुर परिसर में तैयार हो रही 66 बसों को जब्त किया है। टीम यह भी जांच की जा रही है कि बस बॉडी निर्माण के दौरान निर्धारित बॉडी कोड मानकों का उल्लंघन तो नहीं किया गया।
राज्य सरकार ने एक स्वतंत्र संस्था सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT) पुणे को भी इस घटना की तकनीकी जांच के लिए बुलाया है। CIRT की टीम संभवतः आगामी शनिवार एवं रविवार को जैसलमेर का दौरा करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी।
पीड़ितों के सीएम ने की आर्थिक पैकेज की घोषणा इधर, हादसे के पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। जिस परिवार में तीन या इससे ज्यादा लोगों की जान गई है, उन्हें कुल 25 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
एक परिवार से एक या दो मौत होने पर प्रति व्यक्ति 10-10 लाख रुपए दिए जाएंगे। गंभीर घायलों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। साधारण रूप से घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपए मिलेंगे।

6 मरीज वेंटिलेटर पर, 8 घायल डॉक्टर की निगरानी में जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार, 6 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इसके अलावा 8 घायलों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उधर, डीएनए टेस्ट एवं पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को परिवार वालों को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जैसलमेर से जोधपुर जा रही प्राइवेट AC स्लीपर बस में 14 अक्टूबर की दोपहर 3.30 बजे आग लग गई थी। मौके पर ही 19 लोग जिंदा जल गए थे। एक व्यक्ति ने जैसलमेर से जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया था।


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अपडेट्स
एक ही परिवार के 5 सदस्यों का अंतिम संस्कार
- सैन्यकर्मी महेंद्र मेघवाल, उनकी पत्नी और 3 बच्चों के शव जोधपुर से शेरगढ़ के लवारन गांव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। गांव में 5 अर्थियां एक साथ निकली तो सभी की आंखें नम हो गई।
- जोधपुर से भाजपा नेता और मंडोर कृषि उपज मंडी के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र मेघवाल और पुलिस कमिश्नरेट के एडीसीपी सुनील पंवार भी लवारन गांव पहुंचे। मेघवाल समाज के रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
गोपीलाल दर्जी का शव घर पहुंचा तो मची चीख पुकार
गोपीलाल दर्जी का शव लाठी (जैसलमेर) पहुंचते ही परिजनों की चीख पुकार मच गई। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए।
राजेंद्र चौहान का अंतिम संस्कार, बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे
जैसलमेर बस हादसे में जान गंवाने वाले राजेंद्र सिंह चौहान का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
डीएनए मैच के बाद परिजनों को सौंप दिए शव
जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर बस अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के शव जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल और जोधपुर एम्स में रखे थे। डीएनए मैच होने के बाद गुरुवार को सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए।
जैसलमेर कलेक्टर बोले- एंबुलेंस से घर भेजे गए सभी शव
जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह ने बताया- 18 शव की पहचान होने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। एंबुलेंस से सभी शव घर भेजे गए हैं। 1 शव की पहचान नहीं हो पाई है।
जोधपुर एम्स और MGH में रखे 18 शव परिजनों को सौंपे
महात्मा गांधी हॉस्पिटल और जोधपुर एम्स में रखे 18 शव परिजनों को सौंपें जा चुके हैं। एडीएम अंजुम ताहिर ने बताया- एक शव की शिनाख्त नहीं हुई है, इसलिए उसे मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।
जैसलमेर के दीपक का शव भी परिजनों को सौंपा
जैसलमेर के रहने वाले दीपक का शव परिजनों को सौंपा गया। अब शव को जैसलमेर ले जाया जा रहा है।
महात्मा गांधी अस्पताल से मां-2 बच्चों के शव सौंपे
महात्मा गांधी हॉस्पिटल से पार्वती मेघवाल, उनके 2 बच्चों शौर्य मेघवाल और दीक्षा मेघवाल का शव एंबुलेंस से रवाना किया गया है। महेंद्र मेघवाल और खुशबू मेघवाल का शव एम्स से लेकर पूरे परिवार के शव घर ले जाए जाएंगे।
बीजेपी विधायक ने धरने पर बैठे परिजनों से बात की
जोधपुर के शेरगढ़ से भाजपा विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में धरने पर बैठे महेंद्र मेघवाल के परिजनों से बातचीत की। सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री मदन दिलावर से मिलकर लौटने के बाद उनके साथ हुई चर्चा की जानकारी दी।
स्वतंत्र संस्था CIRT पुणे को भी सौंपी गई जांच
राज्य सरकार ने एक स्वतंत्र संस्था सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT) पुणे को भी इस घटना की तकनीकी जांच के लिए आमंत्रित किया है। CIRT की टीम संभवतः आगामी शनिवार एवं रविवार को जैसलमेर का दौरा करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी।
प्रदेशव्यापी विशेष निरीक्षण अभियान, अब तक 53 बसें जब्त उधर, प्रदेश में चल रहे विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान बस बॉडी कोड उल्लंघन के मामलों में अब तक 53 बसें जब्त की जा चुकी हैं।
परिवहन संघों से सहयोग का अनुरोध परिवहन विभाग ने सभी बस परिवहन संघों से आह्वान किया गया है कि वे इस अभियान में पूर्ण सहयोग करें तथा बसों में बस बॉडी में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के बाद ही उनका संचालन करें।
सरकार ने गठित की 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी
राज्य सरकार ने 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। इस गठित कमेटी में ओमप्रकाश बुनकर (अपर परिवहन आयुक्त, प्रशासन एवं संयुक्त शासन सचिव), धर्मेंद्र कुमार (प्रादेशिक परिवहन अधिकारी-द्वितीय), रवि सोनी (कार्यकारी निदेशक, यांत्रिकी, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम), हनुमान सिंह (संयुक्त महा प्रबंधक, सेंट्रल वर्कशॉप, जोधपुर), नवनीत बाटड़ (मोटर वाहन निरीक्षक, मुख्यालय) शामिल हैं।
जैसलमेर घटना से संबंधित तकनीकी पहलुओं की करेगी जांच परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रशासन) एवं संयुक्त शासन सचिव ओपी बुनकर ने बताया- यह समिति जैसलमेर बस दुर्घटना से संबंधित परिवहन विभागीय एवं तकनीकी पहलुओं की गहन जांच करेगी। समिति बुधवार रात को जोधपुर पहुंच चुकी है।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त बोले- जोधपुर में बन रही 66 बसों को जब्त किया
- परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रशासन) एवं संयुक्त शासन सचिव ओपी बुनकर ने बताया- जैसलमेर बस हादसे के बाद विभाग द्वारा तत्काल जांच प्रारंभ की गई है।
- उन्होंने बताया- प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जोधपुर की टीम जैनम कोच क्राफ्टर, जोधपुर परिसर में निर्मित बसों की जांच कर रही है। यहां अब तक 66 बसों को जब्त किया जा चुका है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं बस बॉडी निर्माण के दौरान निर्धारित बॉडी कोड मानकों का उल्लंघन तो नहीं किया गया।
बस मालिक और ड्राइवर को पुलिस ने अरेस्ट किया
जैसलमेर पुलिस ने बस ड्राइवर शौकत और बस मालिक तुराब अली को बुधवार रात को गिरफ्तार किया। एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि इस मामले में 2 FIR दर्ज हुई थी। राजेंद्र सिंह चौहान के भाई चंदन सिंह और गोपीलाल दर्जी के भाई जगदीश ने शिकायत दी थी।
जैसलमेलर SP बोले- 18 DNA सैंपल मिल चुके हैं
जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- SIT टीम में ASP कैलाशदान जुगतावत, जैसलमेर डिप्टी रूप सिंह इन्दा, नाचना SHO बुटाराम, सदर थाना SHO सुरजाराम, एएसआई राजेन्द्र कुमार को शामिल किया गया है।
अभी तक की जांच के अनुसार, बस में 35 सवारियां थीं। इसमें 22 की मौत हो चुकी है। 13 का जोधपुर में इलाज चल रहा है। मिसिंग का कोई मामला सामने नहीं आया है। 19 शवों में से 18 के डीएनए सैंपल भी मिल चुके हैं, एक सैंपल का मिलना बाकी है।
चित्तौड़गढ़ RTO पहुंची पुलिस, DVR जब्त किया
जैसलमेर हादसे के बाद चित्तौड़गढ़ सदर थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह टीम के साथ RTO पहुंचे। आगे की जांच के लिए DVR जब्त कर ले गए।
परिवहन विभाग के 2 अधिकारी सस्पेंड
चित्तौड़गढ़ जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) कार्यालय में पंजीकृत थी। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया गया है।
मुआवजा राशि को लेकर असमंजस, पीड़ित परिवार नाराज
पांच अलग-अलग मौत पर 50 लाख, लेकिन एक ही परिवार के यदि 5 सदस्य की मौत है तो उन्हें सिर्फ 25 लाख ही मिलेगा। इसको लेकर पीड़ित परिवार सवाल उठा रहे हैं।
इस बात को लेकर मृतक महेंद्र मेघवाल के परिजन स्पष्टीकरण की मांग करते हुए परिवार के हर सदस्य के लिए दस लाख के हिसाब से 50 लाख की मांग कर रहे हैं।
जोधपुर के शेरगढ़ विधायक पहुंचे धरने पर
शेरगढ़ (जोधपुर) विधायक बाबू सिंह राठौड़ महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचे हैं। वे धरने पर बैठे मेघवाल परिवार के लोगों से बात कर रहे हैं।
जैसलमेर हादसे के पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा
जैसलमेर बस अग्निकांड पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। सीएम ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख, गंभीर घायलों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
जिस परिवार में तीन या इससे ज्यादा लोगों की जान गई है, उन्हें 25-25 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। गंभीर घायलों को दो-दो लाख और साधारण घायलों को एक-एक लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।

पूर्व सरपंच ने कहा- आर्थिक पैकेज घोषित करे सरकार
शेरगढ़ (जोधपुर) के लावरन गांव के महेंद्र मेघवाल, उनकी पत्नी और तीनों बच्चों की मौत के बाद परिवार और गांव के लोग महात्मा गांधी हॉस्पिटल में धरने पर बैठे हैं।
गांव के पूर्व सरपंच मोमताराम ने कहा- एक परिवार के 5 चिराग बुझ गए। आज उनकी 70 साल की बुजुर्ग मां घर में अकेली हैं। महेंद्र का बड़ा भाई यूरोप में है। सरकार ने अब तक कोई आर्थिक पैकेज घोषित नहीं किया है।
जैसलमेर अग्निकांड में एक और महिला ने दम तोड़ा
जैसलमेर बस अग्निकांड में झुलसी महिला ने इलाज के दौरान जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। महिला का नाम भागा बानो (54) है। वह बांबरों की ढाणी, जैसलमेर की रहने वाली थी। अब तक 22 मौतें हो चुकी हैं।
उधर, शेरगढ़ (जोधपुर) के रहने वाले महेंद्र मेघवाल उनकी पत्नी पार्वती मेघवाल, बेटी, खुशबू, दीक्षा और बेटे शौर्य की मौत हो गई थी। उनके परिवार के लोग मुआवजे की मांग करने हुए हॉस्पिटल में ही धरने पर बैठ गए हैं।
मुआवजे की मांग पर अड़े परिवार वाले, जोधपुर के हॉस्पिटल में धरने पर बैठे
जोधपुर में महात्मा गांधी हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम और डीएनए टेस्ट के बाद परिजनों को शव सौंपना शुरू कर दिया गया है।
कुछ मृतकों के परिवार वाले धरना दे रहे हैं। उनका कहना है सरकार ने अभी तक उचित मुआवजा देने की घोषणा नहीं की है।
हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें
एम्स हॉस्पिटल में रखे एक शव की पहचान नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी को जैसलमेर बस अग्निकांड में किसी लापता व्यक्ति से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त हो तो तुरंत इन हेल्प लाइन नंबरों पर सूचना दें।
जिला नियंत्रण कक्ष, जोधपुर 0291-2650349, 2650350
महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर 9414159222
अग्निकांड में हताहत लोगों के शव भेजे जा रहे
डीएनए परीक्षण और पोस्टमॉर्टम के बाद जिला प्रशासन ने शव उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर एम्बुलेंस के साथ एक पुलिस कॉन्स्टेबल को भेजा जा रहा है। ताकि रास्ते में किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी न हो।
18 शवों की पहचान हुई
डीएनए परीक्षण के बाद 10 शव एम्स हॉस्पिटल और 9 शव महात्मा गांधी हॉस्पिटल जोधपुर में रखे गए हैं। एम्स के एक शव की पहचान नहीं हो पाई है।
एम्स हॉस्पिटल में इनके शव रखे गए हैं… 1. जितेश चौहान 2. महेन्द्र (लवारण) 3. खुशी (लवारण) 4. इरफान खान (बम्बोरो की ढाणी) 5. बरकत खान (बासनपीर) 6. शाहरूख खान (चाम्पला) 7. अयुब खान (बासनपीर) 8. बसीरा (बासनपीर) 9. जसु (कोटड़ी)
10. अज्ञात
महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इनके शव रखे हैं- 1. स्वरूप (जोधपुर) 2. गोपीलाल (लाठी) 3. जोगराज सिंह (झलारिया) 4. पार्वती (लवारण) 5. दीक्षा (लवारण) 6. शौर्य (लवारण) 7. दीपक (जैसलमेर) 8. राजेन्द्र सिंह चौहान (जैसलमेर) 9. हसीना (बम्बोरो की ढाणी)
अग्निकांड के बड़े अपडेट
1. तीन महीने में तैयार हुई थी बस की बॉडी: जिला परिवहन अधिकारी नीरज शाह ने बताया कि यह बस 21 मई को बिल हुई थी और लगभग तीन महीने में इसकी बॉडी तैयार की गई। इसके बाद 1 अक्टूबर को बस का पंजीयन हुआ और 14 अक्टूबर को ही यह हादसे का शिकार हो गई। इतनी नई बस में बड़ा हादसा होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
2. आग लगने की वजह क्या? अलग-अलग दावे : स्लीपर बस में आग लगने के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। सबसे पहले बस में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई थी। इसके बाद एसी का कम्प्रेशर पाइप फटने से आग लगने का दावा था। अब स्थानीय लोगों का कहना है कि बस की डिग्गी पटाखों से भरी थी, इस कारण आग भड़की।
3. मृतकों के परिवार को 2 लाख, घायलों को 50 हजार की मदद: जैसलमेर बस हादसे में प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा- राजस्थान के जैसलमेर में हुई दुर्घटना से हुई जान-माल की हानि से मन व्यथित है।
जानिए… DNA के बारे में
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शवों की पहचान के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे
हादसे में मारे गए लोगों के शवों की पहचान के लिए जोधपुर और जैसलमेर के हॉस्पिटल में डीएनए सैंपल लिए जा रहे है। सैंपल कलेक्शन के प्रोसेस में देरी को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई थी।
नॉन एसी को एसी बस में मॉडिफाई करवाया था
जांच में सामने आया कि बस मालिक ने नियमों की अनदेखी करते हुए नॉन एसी को एसी बस में मॉडिफाई करवा लिया था। इसकी भनक परिवहन विभाग को भी नहीं लगी। इसको लेकर सरकार ने एक्शन लिया।
बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया गया है।

झुलसा युवक मांगता रहा मदद, लोग वीडियो बनाते रहे
जैसलमेर में 14 अक्टूबर को हुए बस हादसे की भयावहता एक बार फिर सामने आई है। हादसे का नया वीडियो सामने आया है, जो इंसानियत पर सवाल खड़े करता है।
इस वीडियो में एक झुलसा हुआ युवक जलती बस से बाहर निकलकर लोगों से मदद की गुहार लगाता है, मगर कोई उसकी मदद नहीं करता। लोग वीडियो बना रहे हैं, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं कर रहा।
इस दौरान एक कार ड्राइवर झुलसे युवक को देख कार में बैठ जाता है, लेकिन जैसे ही वह युवक पीछे की सीट पर बैठता है। ड्राइवर उतरकर उसे कार से बाहर निकाल देता है। थका-हारा घायल युवक सड़क किनारे गिर जाता है। (पूरी खबर पढ़िए…)

14 घायलों में से 6 वेंटिलेटर पर लिए गए
जोधपुर महात्मा गांधी हॉस्पिटल (MGH) अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह ने बताया कि 14 घायलों में से 6 वेंटिलेटर पर हैं। इनकी हालत गंभीर है। 8 घायल डॉक्टर्स की कड़ी निगरानी में हैं।
जैसलमेर बस हादसे में SIT का गठन
जैसलमेर बस हादसे में मृतक पत्रकार राजेन्द्र सिंह चौहान के भाई चंदन सिंह चौहान की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया- इस मामले में SIT का गठन किया गया है। मामले की जांच कर जल्दी ही रिपोर्ट दी जाएगी। एक टीम को चित्तौड़गढ़ भेजा गया है, जो RTO से गाड़ी के कागजों की जांच करेगी।
नेता प्रतिपक्ष बोले- सरकार मौत के नंबर छिपा रही है
जैसलमेर बस हादसे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया है।
जूली ने कहा- मैंने जैसलमेर कलेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।
आरोप लगाया कि प्रदेश में टैंकर हादसे से लेकर SMS हॉस्पिटल तक में दुर्घटनाएं हो रही हैं। यह सरकार की नाकामी उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि सरकार हर बार जिम्मेदारी तय करने के बजाय आंकड़े छिपाने और लापरवाही ढंकने में लग जाती है।
गहलोत बोले- सरकार करे मुआवजे की घोषणा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को जोधपुर में महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे और घायलों की जानकारी ली। वहीं मृतकों के परिजनों से भी बात की।
गहलोत ने पत्रकारों से कहा कि घटना गंभीर है। 21 लोग मर गए हैं। जो ज्यादा बर्न हैं, उनकी चिंता है। मरीजों से बात करके आए हैं। कई लोग बच भी जाएंगे।
मदन राठौड़ बोले- एसी बस में लीक से आग, सरकार की क्या गलती?
जैसलमेर बस हादसे पर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि एयर कंडीशन बस के अंदर गैस लीक हो जाए और आग पकड़ जाए, उसमें सरकार की क्या गलती है? कम से कम सोचो तो सही। ऐसी घटनाओं पर राजनीतिक स्टेटमेंट देने से पहले विचार करना चाहिए। थोड़ी संवेदनशीलता रखनी चाहिए। छिद्रान्वेषण करो, गलती हमारी हो तो कमी निकालो। हम सुधार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन विषय वस्तु पर ध्यान देना चाहिए, किस विषय पर चर्चा कर रहे हैं? (पूरी खबर पढ़ें)
पूर्व मंत्री बोले- जैसलमेर हॉस्पिटल में सुविधाएं हैं, पर चालू नहीं किया गया
पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा- जैसलमेर हॉस्पिटल में बर्न यूनिट की तमाम सुविधाएं हैं, लेकिन उन्हें चालू नहीं किया गया। ये स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही है। यदि बर्न यूनिट चालू होती तो इतने झुलसे हुए लोगों को लगभग तीन सौ किलोमीटर दूर जोधपुर लाने की जरूरत नहीं पड़ती और उनको वहीं पर तत्काल उपचार मिल जाता।
मंत्री ने कहा- लापरवाही से हुआ हादसा
बुधवार को जोधपुर जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर महात्मा गांधी हॉस्पिटल में पहुंचे थे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा कि सरकार घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज करने की कोशिश कर रही है और मृतकों के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ी है।
मामले की जांच की जारी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
मुआवजे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री दिलावर ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता घायल लोगों को बचाना है।
हादसा किसी न किसी लापरवाही की वजह से हुआ है। मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं। आगे ऐसे हादसे न हों, इसके लिए सरकार पूरी नजर रखेगी।
हादसे वाली बस के प्रमोशन के लिए बनाया था वीडियो
जैसलमेर में जिस बस में आग लगी उसे कुछ दिन पहले ही परमिट मिला था। ट्रैवल कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बस के प्रमोशनल वीडियो भी शेयर किए थे।
जैसलमेर अग्निकांड… कब, क्या हुआ
चश्मदीद बोला- आग लगते ही भाग गया था ड्राइवर
जैसलमेर हादसे के एक चश्मदीद हजार सिंह ने बताया कि सबसे पहले धमाके की आवाज आई। हमें लगा कि पास में आर्मी एरिया है तो वहां कुछ हुआ होगा। फिर देखा आग लगी है। पास पहुंचे तो जलती बस से लोग कूद रहे थे। वहीं, बस का ड्राइवर जलती बस को छोड़कर भाग रहा था।
11 नवंबर को शादी, प्री-वेडिंग शूट के लिए गया था कपल
जोधपुर हॉस्पिटल में एडमिट एक घायल आशीष दवे के परिवार ने बताया कि वो अपनी मंगेतर के साथ जैसलमेर प्री-वेडिंग शूट के लिए गए थे।
उनकी 11 नवंबर को शादी है। दोनों बस के अगले हिस्से में बैठे थे। इसलिए हादसे के कुछ मिनटों बाद ही दोनों बाहर आ गए थे। आशीष की आंखों में दिक्कत हो गई है। वह पूरी तरह देख नहीं पा रहे हैं।
बस मॉडिफाइड थी, न इमरजेंसी गेट और न विंडाे हैमर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस बस में हादसा हुआ वो एकदम नई थी। इसके बाद भी उसमें न कोई इमरजेंसी गेट था और न ही विंडो तोड़ने वाले हैमर थे। इसलिए ज्यादातर लोग बाहर ही नहीं निकल सके। कई डेडबॉडी एक-दूसरे के ऊपर भी चिपकी हुई मिली थी।
धमाके की आवाज आई, एक तरफ 10 से 12 लाशें पड़ी थीं
प्रत्यक्षदर्शी कोजराज सिंह ने बताया- मैं अपने फॉर्म हाउस पर था। धमाके की आवाज सुनाई दी।
फिर आग की लपटें दिखाई दी। मैंने तुरंत 108 पर फोन किया। एम्बुलेंस, फायर बिग्रेड जल्दी भेजने को कहा।
सदर थाना को फोन कर घटना के बारे में बताया। मैं कुछ लोगों के साथ घटनास्थल के पास पहुंचा। बस रुक गई थी। 10 से 12 लोग बुरी हालत में जलती बस के आसपास पड़े हुए थे।
बस में कोई चीख-चिल्लाहट नहीं हो रही थी। बस के गेट पर जाकर देखा तो उसमें लाशों का ढेर था। 10 से 12 लाशें पड़ी थीं।
घायल की मां बोली- बस में लपटें उठ रही थीं, ड्राइवर फिर भी नहीं रुका
जोधपुर के गंगाना निवासी सैफू खां ने बताया कि उनके ममेरे भाई इकबाल खान और उनके बहनोई फिरोज खान दोनों ही बस हादसे में घायल हो गए।
दोनों को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में लाया गया है। दोनों की स्थिति सामान्य है।
इधर, इस हादसे में घायल हुए आशीष की मां बार-बार यही कहती रही कि इस मामले में बस वाले की गलती थी। वह आग लगने के बाद भी 800 मीटर तक दौड़ाता रहा।
पति-पत्नी समेत पूरे परिवार की मौत
हादसे में महेंद्र मेघवाल के पूरे परिवार की मौत हो गई। परिवार में महेंद्र समेत उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल थे।
सभी की जिंदा जलने से जान चली गई। महेंद्र जोधपुर के बालेसर के लावारान शेतरावा के रहने वाले थे।
फिलहाल वे जैसलमेर के इंद्रा कॉलोनी में किराए पर रहते थे। वे गोला बारूद डिपो में पोस्टेड थे।






