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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यवाहक प्रधानमंत्री की तरह बर्ताव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाह पर ज्यादा भरोसा न करें।
उन्होंने शाह की तुलना मीर जाफर से की। CM ने ये बयान ओडिशा के कटक में 5 अक्टूबर को दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा और बिहार में SIR को लेकर दिया। ममता ने कहा, ‘कटक में हालात बहुत खराब हैं। भाजपा और बजरंग दल की वजह से वहां सांप्रदायिक हिंसा हुई है।’
CM ममता ने कहा- भाजपा और बजरंग दल के लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैंने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन इतनी घमंडी और तानाशाह सरकार पहले कभी नहीं देखी। उन्हें याद रखना चाहिए कि आज वे सत्ता में हैं, लेकिन कल नहीं भी हो सकते। कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता। 15 दिन में SIR कैसे हो सकती हैं?
कौन था मीर जाफर
मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था, जिसे भारतीय इतिहास में विश्वासघात का प्रतीक माना जाता है। 1757 की प्लासी की लड़ाई में उसने अंग्रेजों से मिलकर सिराजुद्दौला से गद्दारी की थी। मीर जाफर ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ गुप्त समझौता किया, जिससे सिराजुद्दौला की हार हुई और अंग्रेजों की भारत में सत्ता की नींव पड़ी। बाद में अंग्रेजों ने मीर जाफर को बंगाल का नवाब बना दिया था।
ममता की 4 बड़ी बातें
- PM मोदी के मिरिक पुल हादसे पर दिए बयानों पर पलटवार करते हुए कहा, “बंगाल गुजरात नहीं है। 2022 में गुजरात के मोरबी में पुल गिरने से 130 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।”
- राज्य सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। अब तक 500 राहत किट वितरित किए जा चुके हैं, जिसमें कंबल, चावल, दाल, सूखा राशन और दूध शामिल हैं। करीब 1,000 फंसे पर्यटकों को 45 बसों से सुरक्षित निकाला गया है।
- मिरिक में अस्थायी पुल 15 दिनों में बन जाएगा और नया पुल अगले मानसून से पहले तैयार हो जाएगा। वे अगले हफ्ते फिर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी ताकि राहत कार्यों की खुद निगरानी कर सकें।
- ममता ने केंद्र पर बाढ़ राहत के लिए फंड न देने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा चुनावों के लिए तो पैसा जुटा लेती है, लेकिन आपदा राहत के लिए नहीं। उत्तरी बंगाल में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश और भूस्खलन से अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं।






