यूपी में 5500 रुपए में कट्‌टा:मिठाई की दुकान और शॉपिंग मॉल में बिक रहे, तस्कर बोला- 75 हजार में रिवॉल्वर


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ये है देसी कट्‌टा… 6 हजार रुपए मांगे हैं, लेकिन 5500 रुपए में लगा देंगे। ये नया है भैया… चला नहीं है। देखो… मैं बताऊं तुमको, ये चलने के बाद सेट हो जाएगा। 1-2 बार चलने के बाद बढ़िया हो जाएगा।

यह कहना है अवैध हथियारों के तस्कर अंकित का। ये कासगंज जिले के भरगैन गांव में मिठाई की दुकान में देसी कट्‌टा बेच रहा। इसने पहले रेट बताए, फिर यह भी बताया कि मेन तस्कर कौन है? ये केवल कासगंज में हो रहा है, ऐसा नहीं है। यूपी के कई जिलों में आसानी से कट्‌टे, पिस्टल, रिवॉल्वर मिल रहे हैं।

कुछ दिन पहले मुरादाबाद के पाकबड़ा क्षेत्र से 8 देसी कट्‌टे के साथ 2 लोग पकड़े गए थे। इसके बाद क्या हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगा? क्या अब भी आसानी से हथियार बिक रहे? इन सवालों के जवाब के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने यूपी के कासगंज, कुशीनगर और लखनऊ में इन्वेस्टिगेशन किया। यहां हमें कुछ पुराने अपराधी मिले, जिन्होंने दलालों से मिलवाया। इनके जरिए हम तस्कर तक पहुंचे। पढ़िए, तस्करी का पूरा खुलासा…

शुरुआत कासगंज जिले से… लोकल सोर्स से पता चला कि भरगैन गांव में दलाल सक्रिय हैं, जो देसी कट्‌टे के तस्करों से सौदे करा रहे। हम 7 दिन तक गांव में रुके। इस बीच तस्करों तक सूचना गई कि हमें कट्‌टा चाहिए। 7वें दिन तस्कर अंकित ने हमें गांव में मिठाई की दुकान पर बुलाया।

कासगंज के भरगैन गांव में अंकित ने हमें मिठाई की दुकान पर कट्‌टा दिखाया। बोला- 5500 में दे देंगे।

तस्कर से हुई बातचीत से साफ हो गया कि यहां कई लोग ये काम कर रहे हैं। क्या हथियारों की तस्करी यूपी के और जिलों में भी चल रही? यह जानने के लिए हम कुशीनगर पहुंचे। यहां लोकल सोर्स से पता चला कि पडरौना कस्बे में कुछ दलाल कट्‌टा दिला रहे हैं। यहां 10 दिन रहकर दलालों से संपर्क किया। दलाल राकेश कुशवाह ने हमें एक मॉल में बुलाया…

दलाल बोला- लखनऊ में दिला देंगे रिवॉल्वर हमने लोकल सोर्स से लखनऊ के दलाल से बात की। उसने हमें वॉट्सऐप कॉल कर राजधानी में ही रिवॉल्वर दिलाने की बात की। दलाल ने कहा- 6 तारीख को मिलेंगे। आप रुपए देना और माल (रिवॉल्वर) ले लेना।

दलाल ने वॉट्सऐप पर भेजे रिवॉल्वर के वीडियो दलाल ने हमें वॉट्सऐप पर 2 वीडियो भेजे। बताया कि ये नए हैं। यूपी में ही बने हैं। इन माउजर की कीमत 75 हजार और 55 हजार रुपए है। अगले दिन फिर एक वीडियो भेजा। इसमें तीसरा माउजर था।

 

चूंकि हमें कोई हथियार खरीदना नहीं था। इसलिए हमने तस्कर और दलालों से आगे संपर्क नहीं किया। हमारा उद्देश्य इन्हें बेनकाब करना था।

पुलिस अफसरों ने नहीं दिया कोई जवाब यूपी में खुलेआम बिक रहे हथियारों को लेकर हमने लखनऊ के कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर को कॉल की। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद वॉट्सऐप पर उन्हें अपने सवाल भेजे। लेकिन, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। कासगंज एसपी अंकिता शर्मा से भी फोन पर बात करने की कोशिश की। लेकिन, उन्होंने भी कॉल पिक नहीं की। इसके बाद उनके वॉट्सऐप पर भी सवाल भेजे, लेकिन उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। इसी तरह डीसीपी साउथ जोन गोपाल चौधरी और एसीपी अलीगंज ऋषभ यादव ने भी हमारे सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

 

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