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- एआई से फोटो एडिट करना सुविधाजनक तो है, पर पहचान से जुड़ा डेटा भी चोरी हो सकता है। ऐसे में सुरक्षित सेटिंग्स, सावधानियां और कुछ सतर्कताएं रखें।
आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फोटो एडिटिंग का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। कुछ सेकंड में ही तस्वीरें आकर्षक, स्टाइलिश या रचनात्मक रूप से बदल जाती हैं। लेकिन जीवन को आसान बनाने वाली ये तकनीक आपकी निजता और व्यक्तिगत पहचान के लिए ख़तरा भी बन सकती है। कई बार एआई आधारित एप्लिकेशन आपकी कई जानकारियां इकट्ठा कर लेती हैं, जिनका दुरुपयोग हैकर्स या अनधिकृत प्लेटफॉर्म कर सकते हैं। ऐसे में बचाव के लिए सुरक्षा और सतर्कता को ध्यान में रखें।

कौन-से जोखिम जुड़े हैं?
1- चेहरा बायोमेट्रिक पहचान से जुड़ा है। ठग के लिए इसका इस्तेमाल करके फर्ज़ी प्रोफाइल बनाकर आपके नाम से फ्रॉड करना आसान हो जाता है। 2- कुछ एप्स आपके फोटो के मेटाडाटा को भी सेव कर लेते हैं। ये एक तरह का डेटा है जिसमें स्थान और समय की जानकारी होती है। 3- आपके फोटो का इस्तेमाल करके एआई नक़ली वीडियो या तस्वीरें बना सकता है, जिनसे आपकी छवि को नुक़सान पहुंच सकता है। 4- कई एप्स तस्वीरें अपने सर्वर पर सेव करके उन्हें ट्रेनिंग डेटा के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
सुरक्षित इस्तेमाल कुछ ऐसे करें
घबराएं नहीं, एआई फोटो एडिटिंग पूरी तरह से असुरक्षित नहीं है। कुछ सेटिंग्स व सतर्कता अपनाकर जोखिम को काफ़ी हद तक कम किया जा सकता है।
- किसी भी वेबसाइट से एप डाउनलोड करने के बजाय विश्वसनीय एप्स स्टोर से ही डाउनलोड करें। रेटिंग, रिव्यू व डाउनलोड संख्या पर भी ग़ौर करें।
- एप इंस्टॉल करते समय जो परमिशन मांगी जाती हैं, उन्हें ध्यान से पढ़ें। कैमरा या गैलरी के एक्सेस के अलावा अन्य अनावश्यक परमिशन न दें। एप की सेटिंग्स में जाकर डेटा-शेयरिंग विकल्प बंद कर दें।
- सिक्योरिटी इंटेलिजेंस टूल्स का प्रयोग करें। एंटीवायरस/सिक्योरिटी एप्लिकेशन इंस्टॉल करें, जो संदिग्ध डेटा शेयरिंग को ब्लॉक कर सके। वीपीएन का इस्तेमाल करें ताकि इंटरनेट ट्रैफिक सुरक्षित रहे। सीधे फोन मेमोरी से फोटो शेयर करने के बजाय वर्चुअल गैलरी/क्लाउड पर फोटो सेव करके एडिट करें।
- एडिट करने से पहले विश्वसनीय एप्स से अपने फोटो का मेटाडाटा हटाएं।
- हमेशा एप और फोन दोनों को अपडेटेड रखें क्योंकि पुराने वर्ज़न में सुरक्षा खामियां हो सकती हैं, जिनका हैकर्स फ़ायदा उठा सकते हैं।
इन ग़लतियों से बचना चाहिए
- एप परमिशन नियंत्रित करें। ‘Always Allow’ के बजाय ‘While Using the App’ चुनें।
- अपने व्यक्तिगत डॉक्यूमेंट्स, पहचान पत्र या परिवार की संवेदनशील तस्वीरें एआई एप्स पर अपलोड न करें।
- फ्री ऑफर के लालच में न पड़ें क्योंकि कई एप्स ऑफर देकर डेटा इकट्ठा करते हैं।
- किसी थर्ड पार्टी एप्स को अपना सोशल मीडिया अकाउंट एक्सेस न दें।






