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दिल्ली क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। संपत्ति की धोखाधड़ी मामले में पिछले 11 वर्षों से फरार एक बदमाश को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारी ने आरोपी की पहचान अरुण शर्मा के रूप में की है। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ 2014 से फरार है। 2015 में कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। क्राइम ब्रांच की टीम लंबे समय से आरोपी तलाश में थी। लंबे समय की तलाश आखिरकार अब समाप्त हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

धोखाधड़ी के मामले में था फरार
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अरुण शर्मा पर आरोप है कि उसने कर्ज चुकाने के लिए अपने घर को बेचने का झांसा देकर 15 लाख रुपये का बयाना लिया और फिर वहां से फरार हो गया। आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। दिल्ली पुलिस के उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि एसीपी अशोक शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने जांच के दौरान पाया कि अरुण शर्मा गुजरात के वडोदरा भाग गया था, लेकिन हाल ही में दिल्ली लौट आया।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कृष्ण विहार में उसके नए किराए के घर पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि अरुण ने 2014 में आर्थिक तंगी के कारण अपने घर को 65 लाख रुपये में बेचने का समझौता किया था, लेकिन बयाना लेकर वह किसी और को घर बेचकर भाग गया। उसकी पत्नी भी इस धोखाधड़ी में शामिल थी और वह अभी भी फरार है। अरुण ने गुजरात में भी कई लोगों से पैसे लिए हैं, जो उसकी तलाश कर रहे हैं।




