राजस्थान के दो साइंस-टीचर्स ने फ्लैट में खोली ड्रग्स फैक्ट्री:एक सरकारी स्कूल में पोस्टेड, दूसरा RAS की कर रहा तैयारी, 2.34 करोड़ की एमडी मिली


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जोधपुर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम ने श्रीगंगानगर में एक फ्लैट में चल रही ड्रग्स की फैक्ट्री को सीज किया है। यहां से एक सरकारी और एक प्राइवेट साइंस टीचर को भी गिरफ्तार किया है।

दोनों यहां मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बना रहे थे। टीम को करीब 2.34 करोड़ रुपए कीमत की 780 ग्राम एमडी ड्रग्स, भारी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं।

दोनों आरोपी टीचर पिछले ढाई महीने में ही लगभग 15 करोड़ रुपए की 5 किलो एमडी ड्रग्स तैयार कर बेच चुके हैं।

श्रीगंगानगर के इसी आवासीय अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में चल रही थी ड्रग्स लैब।

सुबह-सुबह फ्लैट पर छापेमारी, दो आरोपी पकड़े

एनसीबी जोधपुर के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर में एमडी ड्रग्स की गैरकानूनी फैक्ट्री चलने की सूचना थी।

मंगलवार सुबह 7:30 बजे शहर के रिद्धि-सिद्धि एनक्लेव के ड्रीम होम्स अपार्टमेंट के एक फ्लैट में छापेमारी की गई। यहां से आरोपी मनोज भार्गव (25) और इंद्रजीत विश्नोई (35) को गिरफ्तार किया।

मनोज भार्गव मुकलावा (श्रीगंगानगर) स्थित राजकीय सीनियर सैकंडरी स्कूल का साइंस टीचर है। वहीं, साधुवाली (श्रीगंगानगर) का रहने वाला इंद्रजीत फिलहाल आरएएस की तैयारी कर रहा है। साल 2024 तक वो एक स्कूल व कोचिंग में फिजिक्स पढ़ाता था।

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हाईटेक लैब देख टीम भी हैरान

एनसीबी टीम ने फ्लैट की तलाशी ली तो वहां हाईटेक लैब मिली। जिसमें ड्रग्स बनाने के लिए आधुनिक उपकरण और रसायन मौजूद थे। मौके से 780 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स, एसिटोन, बेंजीन, सोडियम बाइकार्बोनेट, ब्रोमीन, 4-मेथाइल प्रोपियोफेनोन, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, थाइलअमीन, एन-मेथाइल-2-पाइरोलिडोन जैसे खतरनाक रसायन मिले हैं। इन सभी रसायनों और उपकरणों को दिल्ली से मंगवाया गया था। ये केमिकल खतरनाक तो हैं, लेकिन ये बाजार व स्कूल की लैब में आसानी से मिल जाते हैं।

ड्रग्स लैब से बरामद उपकरण और बैन कैटेगिरी के केमिकल व अन्य सामग्री भी फ्लैट से मिली हैं।

ढाई महीने से चल रहे लैब, सप्ताह में दो दिन ही बनाते ड्रग्स

जोनल डायरेक्टर सोनी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने बताया कि वे पिछले ढाई महीने से फ्लैट किराए पर लेकर ड्रग्स बना रहे थे। सप्ताह में दो दिन (शनिवार-रविवार) वे इस फ्लैट में रुककर ड्रग्स तैयार करते थे।

इस बार सोमवार को भी स्कूल से छुट्टी ली थी, ताकि ज्यादा मात्रा में ड्रग्स बनाई जा सके। अब तक 5 किलो एमडी ड्रग्स तैयार कर चुके हैं, जिसकी बाजार कीमत करीब 15 करोड़ रुपए है।

इसमें से 780 ग्राम ड्रग्स मौके पर बरामद की गई, जबकि शेष 4.22 किलो ड्रग्स पहले ही युवाओं में सप्लाई कर दी गई थी।

 

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