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बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर आज 40 साल के हो गए हैं। अर्जुन उस परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिसकी हिंदी सिनेमा में एक अलग ही पहचान है। हालांकि बाहर से अर्जुन की जिंदगी जितनी चकाचौंध भरी नजर आती है, अंदर से उतनी ही उतार-चढ़ाव से भरी रही है।
साल 1996 में माता-पिता के तलाक का असर अर्जुन पर सबसे ज्यादा पड़ा और वे डिप्रेशन का शिकार हो गए। वहीं, जब बोनी कपूर ने श्रीदेवी से दूसरी शादी की तो उनके पिता से भी रिश्ते बिगड़ने लगे। सिर्फ श्रीदेवी ही नहीं, अर्जुन का अपनी दोनों सौतेली बहनों जान्हवी कपूर और खुशी कपूर से भी कोई खास रिश्ता नहीं था।
हालांकि श्रीदेवी का अचानक निधन हुआ, तो हालात बदल गए। अर्जुन ने अपने सारे गिले-शिकवे भुलाकर बड़े भाई का फर्ज निभाया। इसके अलावा अर्जुन की लव लाइफ भी हमेशा चर्चा में रहीं। उन्होंने सलमान खान की बहन और भाभी दोनों को डेट किया है।
आज, अर्जुन कपूर के जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें…

माता-पिता के तलाक से डिप्रेशन, श्रीदेवी को नहीं करते थे पसंद
बोनी कपूर की पहली शादी मोना शौरी से 1983 में हुई थी। कपल के दो बच्चे अर्जुन कपूर और अंशुला कपूर हैं। जब अर्जुन सिर्फ 10 साल के थे, तब उन्होंने अपने माता-पिता को अलग होते देखा। दरअसल, बोनी कपूर श्रीदेवी से शादी करना चाहते थे। उन्होंने मोना से साफ-साफ कह दिया था कि वह श्रीदेवी के बिना नहीं रह सकते। इसी वजह से 1996 में मोना और बोनी का तलाक हो गया और उसी साल बोनी ने श्रीदेवी से दूसरी शादी कर ली।
अपने माता-पिता के तलाक का अर्जुन पर गहरा प्रभाव पड़ा। इसका असर न सिर्फ उनकी पढ़ाई पर पड़ा, बल्कि वह मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगे। राज शमानी के साथ एक इंटरव्यू में अर्जुन कपूर ने इस बारे में खुलकर बात की थी।
उन्होंने कहा, ‘जब मैं 10 साल का था, तब मेरे माता-पिता का तलाक हुआ। उस समय मुझे यह नहीं लगा था कि यह बात मुझे इतनी गहराई से प्रभावित करेगी या मेरी जिंदगी की दिशा बदल देगी, क्योंकि उस वक्त मैं बस उस पल को जी रहा था, लेकिन अब जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो बहुत सी बातें समझ में आती हैं।’
अर्जुन ने आगे कहा, ‘उस समय पापा दो बड़ी फिल्मों प्रेम और रूप की रानी चोरों का राजा पर काम कर रहे थे। उन पर इन फिल्मों को पूरा करने और रिलीज करने का बहुत प्रेशर था। इसी कारण हम दोनों के बीच कभी वो सामान्य बाप-बेटे वाला रिश्ता नहीं बन पाया, जैसा आमतौर पर होता है, जहां पिता स्कूल छोड़ने आते हैं या लेने जाते हैं।
ऐसा नहीं है कि उन्होंने कोशिश नहीं की, लेकिन वो रिश्ता कभी बन नहीं पाया और फिर समय के साथ दूरी बढ़ती चली गई। अब जब मैं उस दौर को याद करता हूं, तो वह समय मुझे काफी ट्रॉमैटिक लगता है।’

150 किला था वजन, अस्थमा भी हो गया था
अर्जुन बोले, ‘पेरेंट्स के तलाक के समय मुझे इमोशनल झटका लगा था तो मैंने खाने को एन्जॉय करना शुरू कर दिया। उस समय इंडिया में फास्ट फूड का कल्चर आया ही था तो मैं दबाकर खाने लगा। उस समय खुद को रोक पाना मुश्किल था क्योंकि एक हद के बाद आपको कोई रोकने वाला नहीं होता।
मैं एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया था जब मुझे अस्थमा हो गया था। मेरे शरीर में इंजरी हो गई थी और 16 की उम्र में मेरा वजन 150 किलो तक पहुंच गया था। ज्यादा वजन और अस्थमा होने के कारण मैं 10 सेकेंड भी नहीं दौड़ पाता था ।’

‘श्रीदेवी बस मेरे पिता की पत्नी हैं, मेरी मां नहीं’
ऐसा कहा जाता है कि जब बोनी कपूर ने श्रीदेवी से शादी करने के लिए मोना को तलाक दिया, तब अर्जुन कपूर इससे काफी भड़क गए थे। यही वजह थी कि अर्जुन ने श्रीदेवी को कभी अपनी मां के रूप में नहीं अपनाया, बल्कि वह उन्हें केवल अपने पिता की दूसरी पत्नी मानते थे।
अर्जुन कपूर का अपनी सौतेली बहनों जाह्नवी और खुशी कपूर से भी कोई रिश्ता नहीं रहा। साल 2014 में करण जौहर के शो कॉफी विद करण में अर्जुन ने इस बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने स्वीकार किया कि बोनी कपूर से उनका संपर्क रहा है, लेकिन श्रीदेवी और उनकी बेटियों से कोई रिश्ता नहीं है।






