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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba से जुड़े 8 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी फर्जी पहचान के साथ दिल्ली में छिपकर रह रहे थे। पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिनमें उनके नेटवर्क, गतिविधियों और संभावित साजिशों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब इनके संपर्कों और अन्य संभावित लिंक की गहन जांच कर रही है।
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नई दिल्ली में स्पेशल सेल ने Lashkar-e-Taiba (LeT) से जुड़े 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 7 बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाकर देश में अवैध घुसपैठ की और आतंकी गतिविधियों के लिए काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि ये सभी बांग्लादेश में बैठे कश्मीरी हैंडलर शब्बीर अहमद लोन के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो श्रीनगर का रहने वाला है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 8 फरवरी को जनपथ मेट्रो स्टेशन और कश्मीरी गेट मेट्रो के पिलरों पर पाकिस्तान समर्थक और आतंकी संगठनों के पक्ष में पोस्टर लगाए जाने की शिकायत मिली। पोस्टरों में कश्मीर से जुड़े भड़काऊ नारे और प्रतिबंधित संगठनों के आतंकियों की तस्वीरें लगी थीं।
जांच के दौरान 15 फरवरी को कोलकाता मॉड्यूल पर छापा मारकर दो आरोपियों—उमर और रोबिडल—को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर तमिलनाडु से छह और संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मार्च 2025 में उमर का संपर्क हैंडलर शब्बीर से हुआ था, जिसने उसे भारत में लश्कर के ऑपरेशन को लीड करने की जिम्मेदारी दी थी। योजना के तहत भारतीय पहचान रखने वाले बांग्लादेशियों का इस्तेमाल कर आतंकी साजिश को अंजाम देना था।
जांच में यह भी सामने आया कि 6 फरवरी को आरोपी कोलकाता से पटना होते हुए दिल्ली फ्लाइट से पहुंचे और 7 फरवरी की रात राजधानी में 10 अलग-अलग स्थानों पर पोस्टर चिपकाए। इसके बाद वे 8 फरवरी को ट्रेन से वापस कोलकाता लौट गए। उन्होंने पोस्टर लगाने के वीडियो बनाकर अपने हैंडलर को भेजे। पुलिस के मुताबिक यह पूरा ऑपरेशन करीब 9 दिनों तक गुप्त रूप से संचालित किया गया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य संभावित लिंक और साजिशों की गहन जांच कर रही हैं।






