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क्रिसमस और न्यू ईयर की पार्टीज़ में शराब का सेवन सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन इसके कारण होने वाली ‘हैंग्जायटी’ (Hangxiety) के बारे में कई लोग अनजान हैं। शराब पीने के बाद चिंता, घबराहट और मानसिक अस्थिरता जैसी समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों ने इसके बचाव और इसे कम करने के लिए कुछ प्रभावी उपाय भी सुझाए हैं।
🎄 CRITICAL HEALTH ALERT THIS FESTIVE SEASON 🎄
🥂 क्रिसमस-न्यू ईयर पार्टी में शराब पी रहे हैं? हो सकती है Hangxiety! 🥂
⚠️ जानें क्या है हैंग्जायटी और कैसे बचें इसके प्रभाव से ⚠️
क्रिसमस और न्यू ईयर पर शराब के सेवन से बढ़ सकता है मानसिक तनाव: हैंग्जायटी (Hangxiety) का खतरा
क्रिसमस और न्यू ईयर का समय आते ही पार्टीज का सीजन शुरू हो जाता है। ऑफिस गेट-टू-गेदर हो या दोस्तों के साथ होम पार्टी, हर जगह शराब और एल्कोहॉलिक ड्रिंक परोसी जाती है। लोग इसे पीकर खुद को एनर्जेटिक और उत्साहित महसूस करते हैं और माहौल का आनंद उठाते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि शराब पीने के बाद कुछ लोगों को ‘हैंग्जायटी’ नामक मानसिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है? अधिकांश लोगों को इस शब्द का अर्थ भी नहीं पता।
🧠 क्या है हैंग्जायटी?
हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स की कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भारथ कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार:
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हैंग्जायटी एक मॉडर्न शब्द है, जिसका इस्तेमाल शराब के सेवन के बाद होने वाली घबराहट और चिंता के लिए किया जाता है
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इसे केवल साधारण हैंगओवर समझना गलत है; यह उससे काफी अलग और गंभीर है

🍷 शराब मस्तिष्क पर कैसे असर डालती है
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शराब मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर खासकर GABA (गामा-एमिनोब्यूटिरिक एसिड) और सेरोटोनिन के स्तर को प्रभावित करती है
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GABA और सेरोटोनिन मूड को नियंत्रित करने और चिंता कम करने का काम करते हैं
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शराब पीते समय GABA की एक्टिविटी बढ़ जाती है, जिससे आराम और खुशी का एहसास होता है
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लेकिन जब शराब का असर खत्म होता है, GABA स्तर तेजी से गिरता है, जिससे घबराहट, चिंता और मानसिक अस्थिरता पैदा होती है

💧 डिहाइड्रेशन और मूड पर असर
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शराब एक ड्यूरेटिक है, जिससे पेशाब बढ़ता है और डिहाइड्रेशन हो सकता है
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इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन थकान, चिड़चिड़ापन और मूड खराब कर सकता है
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नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है; अधिक सोने के बावजूद ब्रेन फॉग, इमोशनल इम्बैलेंस और फोकस की कमी हो सकती है

👥 हर व्यक्ति पर अलग असर
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हैंग्जायटी का अनुभव हर किसी में अलग होता है
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जेनेटिक कारक, मानसिक स्थिति या एल्कोहल सेंसिटिविटी अधिक गंभीर लक्षण ला सकती है
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लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
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तेज दिल की धड़कन ❤️
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कंपन, पसीना 🫗
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परेशान करने वाले विचार 🧠
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इमोशनल स्विंग्स 😔😡
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पछतावा और गिल्ट 😓
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सिरदर्द और मतली 🤕🤢

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🛡️ हैंग्जायटी से बचने के उपाय
डॉक्टर भारथ कुमार सुरिसेट्टी के सुझाव:
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शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं या सीमित मात्रा में ही सेवन करें
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पानी या इलेक्ट्रोलाइट वाली ड्रिंक का सेवन करें 💧
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पर्याप्त हाइड्रेटेड रहें
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ब्लड शुगर कंट्रोल रखने वाला खाना खाएं 🥗
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हल्का व्यायाम जैसे पैदल चलना, योग करें 🧘♂️
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डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन का अभ्यास करें 🕊️

⚠️ डिस्क्लेमर
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यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है
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एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता
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यह किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता
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अधिक जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें 🩺
📌 Summary for Readers:
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🎉 फेस्टिवल्स में शराब पीना आम, लेकिन हैंग्जायटी का खतरा
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🧠 मस्तिष्क पर असर, GABA और सेरोटोनिन का स्तर गिरना
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💧 डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से मूड खराब
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🛡️ उपाय: पानी, हल्का व्यायाम, मेडिटेशन और शराब की सीमित मात्रा






