KKR की नई प्लानिंग: आंद्रे रसेल को कोच बनाने के पीछे क्या है बड़ी वजह?


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कोलकाता नाइट राइडर्स ने आगामी सीजन के लिए आंद्रे रसेल को नया पावर कोच नियुक्त किया है। लंबे समय से टीम के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले रसेल अब अपनी हिटिंग क्षमता और अनुभव का उपयोग खिलाड़ियों को ट्रेन करने में करेंगे। KKR का मानना है कि रसेल की आक्रामक बल्लेबाजी शैली टीम की पावर-हिटिंग रणनीति को और मजबूत बनाएगी।

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टीम को देंगे नई सीख

मैसूर ने समझाया कि यह भूमिका सिर्फ तकनीक सिखाने की नहीं है, बल्कि एक खास सोच को आगे बढ़ाने की है। दुनिया में बहुत कम खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनके पास यह क्षमता होती है। आजकल टिम डेविड जैसे खिलाड़ी भी इसी तरह की भूमिका निभा रहे हैं। मैसूर का मानना है कि रसेल का अनुभव ऐसे खिलाड़ियों को यह समझने में मदद करेगा कि आखिरी ओवरों में कैसे सोचना है, योजना बनानी है और शांत रहना है।

पहली बार आएंगे कोचिंग में नजर

रसेल ने इससे पहले कभी कोचिंग नहीं की है लेकिन उन्होंने इस मौके को खुशी-खुशी स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे टीम के अनुभवी सपोर्ट स्टाफ जैसे अभिषेक नायर, ड्वेन ब्रावो, शेन वॉटसन और टिम साउथी से सीखना चाहते हैं। भले ही रसेल अब कोचिंग की भूमिका में आ गए हैं, फिर भी वे नाइट राइडर्स के ग्लोबल नेटवर्क के बाहर अन्य टी20 लीग में खेलने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। मैसूर ने पुष्टि की है कि रसेल CPL, MLC और ILT20 में केकेआर की फ्रेंचाइजी के लिए खेलेंगे। लेकिन अगर कोई शेड्यूलिंग का टकराव नहीं है, तो टीम उन्हें कहीं और खेलने से नहीं रोकेगी।

यह नई भूमिका रसेल की उस खास काबिलियत को पहचान देती है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं। जब भी मैच मुश्किल स्थिति में होता है, तो रसेल बड़े छक्के लगाकर टीम को जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं। उनकी यह सोच और अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। वे न केवल खुद बड़े शॉट लगा सकते हैं बल्कि दूसरों को भी सिखा सकते हैं कि दबाव में कैसे प्रदर्शन करना है।

कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने अनुभवी ऑलराउंडर आंद्रे रसेल को एक नई भूमिका देते हुए उन्हें टीम का ‘पावर कोच’ नियुक्त किया है। यह निर्णय रसेल की दबाव की परिस्थितियों में भी लगातार बड़े छक्के लगाने की क्षमता और उनकी आक्रामक सोच को देखते हुए लिया गया। केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने बताया कि टीम चर्चाओं के दौरान रसेल ने यह कहा था कि वे हर ओवर में कम से कम दो छक्के लगाने की क्षमता रखते हैं, और इसी मानसिकता के दम पर किसी भी ओवर में 15–16 रन बनाए जा सकते हैं।

मैसूर के अनुसार, रसेल की पूरी क्रिकेट शैली पावर-हिटिंग, तेज गेंदबाजी और दमदार फील्डिंग पर आधारित रही है। मिनी-ऑक्शन से पहले रसेल को रिलीज करने के बाद टीम प्रबंधन ने सोचा कि उनका अनुभव किस तरह आगे भी KKR के लिए उपयोगी हो सकता है। इसी दौरान ‘पावर कोच’ जैसा नया पद तैयार किया गया, जिसे रसेल ने तुरंत स्वीकार कर लिया। यह भूमिका टीम के बल्लेबाजों के लिए दबाव में रन बनाने की मानसिक तैयारी और पावर-गेम को बेहतर करने में अहम साबित होगी।

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