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Summary (Updated and Detailed):
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में सीमांचल का इलाका एक बार फिर राजनीतिक दलों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। पिछली बार यानी 2020 के चुनाव में एनडीए ने इस क्षेत्र में 67 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया था, जबकि महागठबंधन को 50 सीटों पर सफलता मिली थी। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने सीमांचल में 5 सीटें जीतकर मुकाबले का संतुलन बिगाड़ दिया था। इस बार भी सीमांचल की सियासत में मुस्लिम और महिला वोटरों की भूमिका अहम रहने वाली है, जो यह तय करेंगे कि सत्ता की डगर किस ओर जाएगी।
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Summary (Updated and Expanded):
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले प्रचार अभियान थम गया है। अब पूरा राज्य 11 नवंबर को होने वाले मतदान का इंतजार कर रहा है। इस चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी, जिनमें सीमांचल और मगध क्षेत्र की कई अहम सीटें शामिल हैं। इस बार भी महिला मतदाता चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। पहले चरण में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया था, जिससे अब सभी दल महिला वोटरों को लुभाने में जुट गए हैं। नीतीश कुमार अपनी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं का हवाला दे रहे हैं, तो तेजस्वी यादव ‘माई बहिन योजना’ के तहत हर महिला को सालाना 30 हजार रुपये देने का वादा कर रहे हैं। सीमांचल और महिला वोटरों का रुझान इस चरण में सत्ता की चाबी तय कर सकता है।
Summary (Updated and Expanded):
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में राज्य की 122 सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस चरण में कुल 3.7 करोड़ से अधिक मतदाता अपने वोट का प्रयोग करेंगे, जिनमें लगभग 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। मैदान में 1302 उम्मीदवार हैं, जिनमें 1165 पुरुष और 136 महिलाएं अपनी किस्मत आजमा रही हैं। कुछ सीटों पर जबरदस्त टक्कर है — चैनपुर, सासाराम और गया में सबसे ज्यादा 22 प्रत्याशी हैं, जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज और बनमखी में सबसे कम 5-5 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
इस चरण का केंद्र सीमांचल और दक्षिण बिहार है, जहां मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। पिछली बार यानी 2020 में एनडीए ने 67 सीटें, जबकि महागठबंधन ने 50 सीटें जीती थीं। एआईएमआईएम ने सीमांचल की 5 सीटें जीतकर विपक्षी गठबंधन को नुकसान पहुंचाया था।
गठबंधन समीकरणों की बात करें तो महागठबंधन की ओर से राजद 70, कांग्रेस 37 और वीआईपी 8 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि वाम दल भी कुछ सीटों पर ताल ठोक रहे हैं। वहीं, एनडीए में भाजपा 52, जदयू 45 और लोजपा (रामविलास) 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा हम और आरएलएम ने भी मिलकर 10 उम्मीदवार दिए हैं।
इस चरण में कई दिग्गज मंत्रियों की साख भी दांव पर है, जिनमें विजेंद्र यादव, सुमित कुमार सिंह, नीतीश मिश्रा, जयंत राज, नीरज कुमार सिंह बबलू और जमां खान शामिल हैं। दूसरे चरण का नतीजा यह तय करेगा कि बिहार की सत्ता की कुर्सी आखिर किसके करीब जाएगी।






