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- Author,रजनीश कुमार
- पदनाम,बीबीसी संवाददाता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो कहते हैं, ज़रूरी नहीं है कि वैसा ही करेंगे.
जैसे राष्ट्रपति ट्रंप पीएम मोदी को दोस्त कहते हैं लेकिन दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने भारत को किसी भी लिहाज से राहत नहीं दी है.
इस साल 27 अगस्त के बाद से भारत पर अमेरिका का 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लागू हो गया है. इसका असर भी साफ़ दिखने लगा है.
सितंबर महीने में अमेरिका में भारत के निर्यात में 20 फ़ीसदी की गिरावट आई है. वहीं पिछले चार महीनों में यह गिरावट 40 प्रतिशत की है.
दिल्ली स्थित थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के निदेशक अजय श्रीवास्तव कहते हैं कि ट्रंप के टैरिफ़ से भारत सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है. श्रीवास्तव कहते हैं कि आने वाले महीनों में यह गिरावट और बढ़ेगी.
बुधवार को ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था, ”मोदी महान व्यक्ति हैं. वह ट्रंप को पसंद करते हैं.”
ट्रंप ने हँसते हुए कहा, ”मैं नहीं चाहता हूँ कि आप ‘पसंद’ शब्द को किसी और तरीक़े से लें. मैं उनका राजनीतिक करियर तबाह नहीं करना चाहता हूँ.”
इसी दौरान ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी ने उन्हें रूस से तेल नहीं ख़रीदने के लिए आश्वस्त किया है.
ट्रंप ने कहा था, ”आपको पता है कि ऐसा तत्काल नहीं किया जा सकता है. इसकी एक प्रक्रिया है लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी होगी.”

ट्रंप आए दिन भारत से जुड़ा कुछ न कुछ ऐसा कह देते हैं, जिससे मोदी सरकार की असहजता बढ़ जाती है






