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जोधपुर में धोखाधड़ी से जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। श्रवण सिंह ने इस संबंध में उदय मंदिर थाने में रिपोर्ट दी है ।
रिपोर्ट में श्रवण सिंह ने बताया कि उसकी और उसके भाई उदय सिंह की ग्राम बनाड़ में कृषि भूमि है जिस पर वह काश्त करता रहा है। गवर्नमेंट सर्विस में होने के चलते वह ज्यादातर समय गांव से बाहर रहता है। वहीं भाई उदय सिंह की पिता के देहांत के बाद मानसिक स्थिति ठीक नहीं है जिसका इलाज परिवार के सदस्य पूनम सिंह द्वारा जोधपुर में करवाया जाता था।

श्रवण सिंह के अनुसार- पूनम सिंह ने मेरी मां से कहा कि आप अपनी, उदय सिंह और सरवन सिंह दोनों की दो-दो फोटो मुझे दे दो, मैं उदय सिंह को डॉक्टर को दिखाने जा रहा हूं तो तहसील में आप तीनों के नाम से जमीन का म्यूटेशन करवा दूंगा। उदय सिंह की मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए पूनम सिंह और उनके भाइयों ने 2001 में नामांतरण भरवा लिया।
फर्जी साइन किए श्रवण सिंह के मुताबिक- मेरी माता अगराकंवर कभी रजिस्ट्री ऑफिस नहीं गई और न हीं हुए खुद गए। सरकारी सेवा में होने के चलते हुए 9 से 6 बजे तक ड्यूटी पर रहते हैं और रजिस्ट्री ऑफिस नहीं गया। पूनम सिंह और उनके भाइयों ने मेरी मां की जगह और मेरी जगह किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके कूटरचित दस्तावेज करवाया और उस पर मेरे हस्ताक्षर भी कूटरचित हैं और उनकी मां की जगह किसी दूसरी महिला की अंगूठा निशानी पर जानबूझकर गहरी स्याही अंगूठा लगाया गया।
करोड़ों की संपत्ति हड़पी उदय सिंह के नाम से 2002 में स्टांप पूनम सिंह द्वारा खरीदा गया जिसे स्पष्ट है कि पूनम सिंह द्वारा पारिवारिक कृषि भूमि हड़पने की नीयत से कार्य किया गया। श्रमण सिंह ने पूनम सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ पूर्व नियोजित तरीके से योजना बनाकर, फर्जी दस्तावेज बनाकर, धोखाधड़ी कर लाखों -करोड़ों का लाभ प्राप्त करने का मामला दर्ज करवाया है।






