![]()
📰 असम के कार्बी आंगलोंग में सुखोई सु-30 एमकेआई विमान दुर्घटनाग्रस्त
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का एक सुखोई सु-30 एमकेआई लड़ाकू विमान प्रशिक्षण के दौरान असम के कार्बी आंगलोंग जिले में क्रैश हो गया। आईएएफ ने शोक व्यक्त करते हुए शहीद पायलट के परिवार के प्रति संवेदनाएँ प्रकट की हैं।
✈️💥 असम में सुखोई Su-30MKI विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों का निधन
🕊️🇮🇳 भारतीय वायु सेना ने जताया गहरा शोक, परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा
📍 असम के कार्बी आंगलोंग में हादसा
नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का एक शक्तिशाली सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान गुरुवार को असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में प्रशिक्षण अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह इलाका जोरहाट से करीब 60 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।
भारतीय वायु सेना ने गुरुवार देर रात इस हादसे की आधिकारिक पुष्टि की। शुरुआत में विमान के लापता होने की सूचना सामने आई थी, जिसके बाद वायु सेना और स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
📡 रडार से टूट गया था संपर्क
अधिकारियों के मुताबिक, यह लड़ाकू विमान असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के बाद अचानक रडार से गायब हो गया।
जैसे ही विमान का संपर्क टूटा, तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। कई घंटों की तलाश के बाद यह पुष्टि हुई कि विमान कार्बी आंगलोंग के पहाड़ी इलाके में क्रैश हो गया।
🕊️ भारतीय वायु सेना ने जताया गहरा शोक
भारतीय वायु सेना ने इस दुखद हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
आईएएफ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि:
👉 स्क्वाड्रन लीडर अनुज
👉 फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर
इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनका निधन हो गया।
वायु सेना ने कहा कि:
“भारतीय वायु सेना के सभी कर्मी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं और इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।”
✈️ क्या है सुखोई Su-30MKI विमान
सुखोई Su-30MKI भारतीय वायु सेना का एक दो सीटों वाला लंबी दूरी का बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है।
इसे रूस की प्रसिद्ध विमान निर्माता कंपनी सुखोई ने विकसित किया था।
हालांकि अब इसका निर्माण भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा लाइसेंस के तहत किया जाता है।
🇮🇳 भारतीय वायु सेना की ताकत है Su-30MKI
भारतीय वायु सेना के पास वर्तमान में 260 से अधिक Su-30MKI लड़ाकू विमानों का बेड़ा है।
यह विमान कई सैन्य अभ्यासों और ऑपरेशनों में अपनी शक्ति और क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है।
इन विमानों को 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया था और आज भी यह वायु सेना के सबसे मजबूत लड़ाकू प्लेटफॉर्म में से एक माना जाता है।
⚠️ रख-रखाव और सुरक्षा पर उठे सवाल
हालिया दुर्घटना के बाद कुछ विशेषज्ञों ने विमानों के रख-रखाव और तकनीकी जांच को लेकर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
हालांकि वायु सेना आमतौर पर ऐसे मामलों में दुर्घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी बैठाती है, जिससे हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
🇮🇳🙏 देश ने खोए दो बहादुर पायलट
यह हादसा भारतीय वायु सेना के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक दुखद क्षण है।
देश ने इस दुर्घटना में अपने दो साहसी और समर्पित पायलटों को खो दिया, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने कर्तव्य का पालन किया।
🕊️ पूरा देश इन वीर पायलटों को श्रद्धांजलि दे रहा है। 🇮🇳






